नीमगांव स्थित श्रीगुरु जम्भेश्वर मंदिर में विश्नोई समाज का अगहन महोत्सव शुरू
प्रशांत शर्मा हरदा। जीवन में संतों की अहम भूमिका होती है। इसलिए हमें हमेशा संतों के सानिध्य में रहना चाहिए। इससे हमें जीवन में एक नई दिशा मिलेगी। क्या सही है क्या गलत है इसका फर्क पता चलेगा। उक्त उद्गार नीमगांव स्थित श्रीगुुरु जम्भेश्वर मंदिर में शुक्रवार से शुरू हुए विश्नोई समाज के अगहन महोत्सव में जाम्भाणी हरिकथा ज्ञान का वाचन करते हुए हरिद्वार से आए आचार्य संत डा. गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने कही। कथा का वाचन करते हुए आचार्यश्री ने कहा कि संतों के बिना यह जीवन निरर्थक है। आज भी संतों की महत्ता कम नहीं हुई है। संत ही हैं, जिन्होंने हमें अपने धर्म और सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि भारत देश संतों का देश है। संत हिमालय, जंगल आदि जगह कठोर तप करके ज्ञान अर्जित करते हैं। इसी ज्ञार और तप का उपयोग वे प्राणी मात्र के उद्धार के लिए करते हैं। इसलिए हमें हमेशा संतों का आदर सत्कार करना चाहिए। जिसके जीवन में संतों का सानिध्य नहीं है समझ लो उसका जीवन दिशाहीन है। संतों की महत्ता तो हमें हमारे वेद और पुराणों में भी देखने और सुनने को मिलती है। कथा में शामिल मप्र मध्यक्षक्षेत्र विश्नोई सभा के अध्यक्ष आत्माराम पटेल ने सामाजिक लोगों से प्रतिदिन हवन यज्ञ और कथा में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
हवन यज्ञ से हुई शुरुआत :
मप्र मध्यक्षेत्र विश्नोई सभा के सचिव पूनमचंद पंवार ने बताया कि अगहन महोत्सव की शुरुआत सुबह श्रीगुुरु जम्भेश्वर मंदिर परिसर में बने कुंड में हवन और यज्ञ के साथ हुई। कथा वाचक संत गोवर्धनराम महाराज, विश्नोई संत आश्रम के महंत स्वामी भगवानप्रसाद महाराज, श्रीजम्भेश्वर मंदिर नीमगांव के महंत स्वामी हनुमानदास महाराज, ब्रदीनाथ विश्नोई संत आश्रम से आए संत आत्मानंद महाराज, राजस्थान से संत राजेंद्रानंद महाराज, आए सहित विश्नोई समाज के पदाधिकारियों और सैकड़ों सामाजिक लोगों की उपस्थिति में हवन यज्ञ किया गया। भगवान श्रीगुरु जम्भेश्वर द्वारा 120 शब्दों का उच्चाकरण कर हवन यज्ञ कर आहुतियां दी गई।
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