
मंजीत सिंह
भोपाल l मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी के एमडी मंजीत सिंह के
विरुद्ध लोकायुक्त में शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह जानकारी वैसे तो मंत्रालय तक भी पहुंच चुकी है।
जनरेटिंग कंपनी के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया की पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मंजीत सिंह की नियुक्ति फर्जी तरीके से होने पर मामला मप्र हाईकोर्ट तक पहुंचा था, लेकिन हाई कोर्ट द्वारा फर्जी नियुक्ति बीस साल पुरानी होने का हवाला देकर एक तरफा फैसला सुनाया गया था। अब उक्त मामले को लेकर शिकायत करता द्वारा लोकायुक्त में की गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने की बात बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मंजीत सिंह की दूसरी पाई समाप्त होने में अल्प समय बचा है। वे तीसरा कार्यकाल बढ़ाने के लिए एढी चोटी का जोर और शिफारिश लगाई जा रही है। बावजूद सफलता दूर भागती नजर आ रही है। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि एमडी मंजीत सिंह लगातार भोपाल में रुककर ऊर्जा विभाग के पीएस नीरज मंडलोई से मुलाकात का समय मांग रहे हैं।लेकिन समय नहीं मिलने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि एमडी के कार्यकाल में पावर जनरेटिंग कंपनी में सप्लाई के नाम पर बड़ा गोलमाल हुआ है। इसका जीता जगता उदाहरण सिंगाजी पावर प्लांट है। यहां हुई
अनियमिताओं को रफा-दफा करने में उक्त अधिकारी की महती भूमिका बताई जा रही है। बताया जाता है कि कोलकत्ता सहित अन्य बड़े राज्यों से कार्य करने वाली कंपनी में एमडी के पुत्र पचास प्रतिशत के पार्टनर होने की बात कहीं जा रही है। पावर जनरेटिंग कंपनी के चार बड़े बिजली घरों में लूट का खजाना खुला हुआ है। यदि सरकार उक्त मामले की जांच कराती है तो अब तक का सबसे बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।

