इंदौर- देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इस साल अपना 60वां स्थापना वर्ष मना रहा है। डायमंड जुबली को खास बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु को बुलाने की तैयारी की है। ताकि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उनके हाथों से सम्मानित किया जाए। मगर राष्ट्रपति कार्यालय से जवाब आना बाकी है। तारीख नहीं तय हो पाई है। इस वजह से विश्वविद्यालय का समारोह आयोजित करने में समय लग रहा है। वैसे मार्च तक समारोह करवाया जा सकता है।
60वें स्थापना वर्ष में आने वाले दीक्षा समारोह को लेकर कार्य परिसद में रुपरेखा बनी, जिसमें कुछ सदस्यों ने राष्ट्रपति को बुलाने का सुझाव दिया। बाद में अधिकारी व प्राध्यापकों से भी पूछा गया। सभी राजी होने के बाद राष्ट्रपति को समारोह में बुलाने का न्यौता भेजा गया। अक्टूबर में पहले राष्ट्रपति कार्यालय से हरी-झंडी मिली, लेकिन बाद में समारोह में आने से माना कर दिया।
इसकी वजह से दिसंबर में होने वाले समारोह को आगे बढ़ाना पड़ा। वैसे कुलपति डा. रेणु जैन ने दोबारा राष्ट्रपति से अनुरोध कर समारोह के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन राष्ट्रपति कार्यालय ने अभी तक कोई पत्राचार नहीं किया है। इसके चलते समारोह की तारीख तय नहीं हुई है।
कुलपति डा. रेणु जैन का कहना है कि राष्ट्रपति की मौजूदगी में विद्यार्थियों को स्वर्ण व रजत पदक देने की योजना है। इसके लिए उन्हें बुलाया जा रहा है। दूसरी मर्तबा पत्र भेजा गया है। तारीख मिलते ही समारोह आयोजित करेंगे। वैसे पदक और उपाधि पाने वालों की सूची तैयार है।
लगेगी आचार संहिता
विश्वविद्यालय के पास समारोह करने के लिए मार्च तक का समय है। उसके बाद फिर विश्वविद्यालय को कुछ महीने इंतजार करना होगा, क्योंकि मई में लोकसभा चुनाव होंगे। उसके लिए अप्रैल से आचार संहिता लगेंगी। इस दौरान विश्वविद्यालय कोई भी आयोजन नहीं करवा सकेंगा। हालांकि विश्वविद्यालय भी मार्च तक समारोह करवाने में जुटा है।
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