बिजली कंपनी के सहायक यंत्री को 12 हजार रुपये की र‍िश्‍वत लेते पकड़ा

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

 उज्जैन- लोकायुक्त ने मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक यंत्री को 12 हजार रुपये की र‍िश्‍वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इंदौर गेट पर बन रही एक होटल के बिजली कनेक्शन देने के नाम पर आरोपित सहायक यंत्री ने बिजली कंपनी में ठेकेदारी करने वाले व्यक्ति से घूस की मांग की थी।

डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि राधेश्याम सिसोदिया निवासी ग्यारसी नगर भैरवगढ़ बिजली कंपनी में ठेकेदारी करता है। आनंद गंज की झिरी निवासी तृप्ति गुप्ता ने अपने होटल में व्यवसायिक बिजली कनेक्शन के लिए सिसौदिया से संपर्क किया था। कनेक्शन देने के नाम पर नई सड़क जाेन में पदस्थ सहायक यंत्री मणिशकंर मणि द्वारा 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस पर सिसौदिया ने एसपी लोकायुक्त अनिल विश्वकर्मा को शिकायत की थी। वाइस रिकार्डर के साथ लोकायुक्त ने सिसौदिया को सहायक यंत्री के साथ बात करने भेजा था।जिसमें रिश्वत की पुष्टि हुई थी।

फोन लगाकर इंदौर गेट बुलाया

सिसौदिया ने फोन लगाकर मणिशंकर मणि को इंदौरगेट बुलाया था। जहां जैसे ही सिसौदिया ने रिश्वत के रुपये मणि को दिए उसने अपनी पेंट की पीछे की जेब में रुपये रखे लिए थे। राधेश्याम का इशारा पाकर लोकायुक्त ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त ने कुछ देर कार्रवाई इंदौरगेट पर गणेश मंदिर पर की थी। इसके बाद आगे की कार्रवाई को देवासगेट थाने पर अंजाम दिया गया। कार्रवाई को डीएसपी सुनील तालान, टीआइ दीपक शेजवार, हितेश, नीरज, इसरार, महेंद्र, लोकेश ने अंजाम दिया।

15 के बजाए 9 किलोवाट का कनेक्शन देने को था तैयार

ठेकेदार राधेश्याम ने बताया कि सहायक यंत्री मणिशंकर का कहना था कि होटल में 13 से 15 किलोवाट का कनेक्शन लगेगा, मगर जिसके लिए करीब 50 से 60 हजार रुपये खर्च होगा। जबकि अगर वह उसे 12 हजार रुपये देता है तो वह 9 किलोवाट का ही कनेक्शन दे देगा। जिससे ग्राहक को भी फायदा होगा। 12 हजार रुपये में से 11 हजार रुपये मणिशकंर रखने वाला था, एक हजार रुपये लाइनमैन को देना था।

वरिष्ठ अधिकारियों की भी नहीं सुनता था आरोपित

ठेकेदार राधेश्याम का कहना था कि वह करीब 15 सालों से बिजली कंपनी में ठेकेदारी कर रहा है। आरोपित सहायक यंत्री मंदसौर से उज्जैन स्थानांतरित होकर आया था। राधेश्याम ने पूर्व में भी कुछ लोगों को कनेक्शन दिलवाए है। मगर उस दौरान भी बगैर रुपये लिए मणिशंकर मणि ने काम नहीं किया था। कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से फोन लगवाकर काम करवाया था। मगर उनकी भी मणिशंकर ने सुनने से इंकार कर दिया था। रिश्वत की राशि भी मणिशंकर काफी अधिक मांग रहा था। रुपये नहीं देने पर वह कनेक्शन देने को ही तैयार नहीं था। उसका कहना था कि अगर उसने जांच कर ली तो अधिक लोड आएगा, परेशान होकर राधेश्याम ने लोकायुक्त को शिकायत की थी। जिसके बाद कार्रवाई की गई।

इस साल 13 ट्रैप व पद के दुरुपयोग के 6 केस दर्ज

लोकायुक्त ने इस वर्ष अब तक 12 अधिकारियों व कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इसके अलावा छह अधिकारियों के खिलाफ पद के दुरुपयोग के केस दर्ज किए गए हैं। 38 मामलों में कोर्ट में चालान पेश किए जा चुके हैं। जबकि बीते वर्ष लोगों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था और 5 के खिलाफ पद के दुरुपयोग का केस दर्ज किया गया था। वहीं 20 लोग घूस लेते पकडाए थे और मात्र दो लोगों के खिलाफ ही पद के दुरुपयोेग के केस दर्ज किए गए थे।

Views Today: 2

Total Views: 56

Leave a Reply

लेटेस्ट न्यूज़

MP Info लेटेस्ट न्यूज़

error: Content is protected !!