इंदौर- शहर के बाहरी क्षेत्र से बसों का संचालन शुरू करने के लिए चार आइएसबीटी बनाने की योजना है। इनमें नायता मुंडला और एमआर-10 पर निर्माण किया जा जा रहा है। नायता मुंडला में तो बस स्टैंड तैयार हो चुका है, लेकिन एमआर-10 पर निर्माण जारी है।
इसका निर्माण कार्य पूर्ण होना था, लेकिन इसकी समय सीमा जुलाई 2023 तक बढ़ा दी गई। अब भी आइएसबीटी निर्माणाधीन ही है और निर्माण कार्य की गति भी धीमी है। यह टर्मिनल तैयार करने के लिए एंगल लग चुके हैं, लेकिन कवर किया जाना बाकी है।
अधिकारियों का कहना है कि कोविड और अन्य रुकावट के कारण काम मे देरी हुई। नए साल के इसको शुरू कर शहर के लोगों को इसकी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इंदौर शहर में कम होगा बसों का दबाव
शहर में अंतरराज्यीय बसों के बढ़ते आवागमन को रोकने के लिए आइएसबीटी बस स्टैंड का निर्माण किया जा रहा है। नायता मुंडला और एमआर-10 बस स्टैंड से करीब दो हजार बसों का संचालन हो सकेगा। नायता मुंडला में 600 और एमआर-10 पर 1600 बसों की क्षमता है। यहां पर यात्रियों के वाहनों के लिए विशाल पार्किंग है, जहां पर 400 दोपहिया और 200 कारें पार्क हो सकेंगी।
मेट्रो से सीधा जुडाव एमआर-10 बस स्टैंड का सीधा जुड़ाव मेट्रो से भी रहेगा। यहां पर मेट्रो का स्टेशन भी बनेगा, जो बस स्टैंड से जुड़ा होगा। यात्री आसानी से मेट्रो में आ-जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहन भी उपलब्ध होंगे।
दो बार बढ़ाई जा चुकी है समय सीमा, अंतरराज्यीय बसों का होना है संचालन
निर्माण लंबे समय से जारी है। निर्माण कार्य तय समयावधि से अधिक समय तक चल रहा है। आइएसबीटी में कार्यरत सुपरवाइजर का धीमे निर्माण को लेकर कहना है कि शेड पूर्णतः कंप्यूटराइज्ड तरीके से लगाया जा रहा है, इसलिए काम धीमी गति से हो रहा हैं। आइडीए ने भी लेटलतीफी की। स्ट्रक्चर डिजाइन की लेट स्वीकृति, कागजी कार्रवाई में देरी के कारण भी निर्माण का धीमा चला।
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