कर्मचारियों को जल्द पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा घोषणा की गई थी। वहीं पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के साथ पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी। हालांकि अभी तक प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को लागू नहीं किया गया है।
पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग
1 साल का समय बीत जाने के बाद अब पंजाब कर्मचारी संघ लगातार सरकार से पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कर रहे हैं। दरअसल सरकार द्वारा अभी तक पंजाब में पुरानी पेंशन योजना अधिसूचना के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी को जारी नहीं किया गया है। ऐसे में वर्तमान में जो लोग बाद सेवा में शामिल हुए हैं, वह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आते हैं। जिसके कारण कर्मचारियों को अपनी पेंशन फंड में योगदान करने की आवश्यकता होती है।
पंजाब सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करने के 1 साल बाद भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस द्वारा सरकार बनने के तुरंत बाद ही कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर दिया गया है। इधर पुरानी पेंशन योजना बहाली संघर्ष समिति के सदस्य द्वारा भी राज्य सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना में की जा रही देरी पर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पंजाब की 24 कर्मचारी संघ का एक संयुक्त संघ है, अधिसूचना जारी होने के बाद से 500 कर्मचारी रिटायर हो गए लेकिन किसी को भी अब तक पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला है। सरकार द्वारा सिविल सेवा नियम में भी संशोधन किए बिना अधिसूचना जारी कर दी गई है जबकि पेंशन पॉलिसी का विवरण भी अभी तक सामने नहीं आया है। यह कर्मचारियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
इसी बीच आम आदमी पार्टी के पंजाब यूनिट के के मुख्य प्रवक्ता मालविंदर सिंह कांग ने कहा है कि सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा एक समिति गठित की गई है और राजस्थान छत्तीसगढ़ सहित हिमाचल प्रदेश के पुरानी पेंशन योजना मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही सर्वोत्तम मॉडल को लागू किया जाएगा।
इतना ही नहीं मुख्य प्रवक्ता बलविंदर सिंह कंग ने कहा है की पुरानी पेंशन योजना में बड़े वित्तीय व्यवस्था की आवश्यकता है। पुरानी पेंशन योजना खत्म होने के बाद से नई पेंशन योजना में कर्मचारियों द्वारा योगदान की गई राशि लगभग 18000 करोड रुपए को केंद्र ने वापस करने से मना कर दिया है। ऐसे में सभी राज्यों के अध्ययन करने के बाद ही पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जा सकता है। उम्मीद है इस साल के अंत तक पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना पर कोई महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है। साथ ही उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जा सकता है।
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