चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ ….. चोरों के कब्जे से सोना-चांदी व हीरे की अंगूठी बरामद

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

 

 

बरामद माल के साथ अधिकारी

 टीम के साथ गिरफ्तार आरोपी

अनोखा तीर, सिहोर। शहर में पेशे से डॉक्टर के यहां करीब एक सप्ताह पहले हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वहीं चोरी के गिरोह की कमर तोड़ दी है। इसी के साथ पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को हिरासत में लेकर चोरी का माल बरामद करने में सफलता भी हासिल की है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अफसरों ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर कार्रवाई की संपूर्ण जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि चोर गिरोह के कब्जे से 13 तोला सोना, हीरे की अंगूठी और 200 ग्राम चांदी जब्त करने के साथ ही अन्य चोरियां भी कबूली है। जिसमें हाउसिंग बोर्ड कालोनी में हुई वारदात शामिल है। इसके अलावा चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिये इस्तेमाल मोटरसाईकिलों को भी बरामद किया है। उन्होंनें बताया कि इसी महिने की 12 तारीख को फरियादी धर्मेन्द्र पिता अमरसिंह राठौर निवासी डांगी स्टेट कालोनी ने रिपोर्ट कराई कि 11 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे के आसपास वे ईछावर अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी घर पर ताला लगाकर लॉक कर गया। उन्होंनें लेख कराया कि पत्नी मायके गई हुई थी। डयूटी से दूसरे दिन वापस लौटा तो देखा कि घर का ताला टूटा है, वहीं कमरे में रखी लकड़ी की अलमारी भी अस्त-व्यस्त है। साथ ही अलमारी रखे जेवर एवं नगदी करीबन 20 हजार रुपये गायब थे। उनकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 745/23 धारा 457, 380 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस टीम को एक्टिव किया था। जिसने महज एक सप्ताह के भीतर इतनी वारदात का खुलासा किया है। वहीं अपराधियों को उनकी सही जगह पहुंचाने का काम किया है। पुलिस ने यह भी बताया कि पकड़े गए चोरों ने १० सितम्बर को पवन पिता प्रकाश चौरसिया निवासी एचआईजी 25 हाउसिंग बोर्ड कालोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 4 तारीख को रात करीब 11 बजे वह अपने घर पर ताला लगाकर परिवार सहित भाई प्रशांत चौरसिया के यहां पूणे गए थे। जहां से 10 सितम्बर को वापस सिहोर आए थे। इस दौरान घर पहुंचे तो देखा कि सामने का ताला टूटा हुआ है, वहीं सामान बिखरा पड़ा है। उन्होंनें अपनी रिपोर्ट में सोने-चांदी के जेवर और नगदी चोरी होने की शिकायत की। उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 658/23 धारा 457, 380 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई प्रारंभ की थी।

कुल तीन टीमें बनाई थी  

चोरी की लगातार घटनाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिये 3 टीमें गठित की थी। टीम लगातार घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तकनीकी मदद के जरिये कड़ी से कड़ी जोड़ने में सफल हुए।

आरोपी तक पहुंची पुलिस

घटना से हर एक पहलु पर बारिकी से जांड-पड़ताल करने के फलस्वरूप पुलिस को आखिरकार मुखबिर से अहम तथ्य मालूम पड़े। तत्पश्चात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीतेश गर्ग एवं नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन सिंग राजपूत के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आरोपी राजकुमार उर्फ राज रैकवार उम्र 24 साल निवासी बीटीआई मिलिट्री ग्राउंड नर्मदापुरम को हिरासत में लिया गया। वहीं सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और बताया कि उसने जयंत लोधी उर्फ बिट्टू निवासी विदिशा, दीपक पाराशर निवासी सीहोर, दीपक दुबे, चांद खा और बुरहानुद्दीन के साथ मिलकर तीन दिन पहले डांगी स्टेट में डॉ धर्मेन्द्र राठौर के मकान को निशाना बनाया था। इस दौरान चार लोग मोटरसाइकिल लेकर बाहर खेड़े थे। जबकि चांद खा और बुरहानुद्दीन ने सब्बल एवं टामी की व्यवस्था की। वहीं अंत में राजकुमार और जयंत ने वारदात को अंजाम दिया।

इनकी महती भूमिका

चोरी की घटनाओं का खुलासा करने पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीतेश गर्ग एवं नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन सिंग राजपूत के मार्गदर्शन में निरीक्षक विकास खिची, एसएसपी मनोज मालवीय, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र, उग्रसेन, लाखन धाकड़, विकास शर्मा, सुरेश मालवीय, आरक्षक कपिल, चंद्रकिशोर टिकारे, तेजासिंह एवं सायबर सेल से योगेश भावसार व सुशील साल्वे की महती भूमिका रही।

Views Today: 2

Total Views: 134

Leave a Reply

error: Content is protected !!