सर्वपितृमोक्ष अमावस्या के दूसरे दिन यानि रविवार से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो गई है। इसी के साथ आस्था, श्रद्धा एवं भक्ति का समागम देखने को मिलेगा। पहले दिन करीब डेढ़ से दर्जन से अधिक स्थानों पर उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ मातारानी की सुंदर प्रतिमाएं विराजमान की हैं। इससे पहले जुलूस के रूप में देवी भक्तों का जलसा निकला। इस मौके पर युवाओं ने मातारानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय कर दिया।
फूलों से सजाया मैया का रथ

पांडाल सुंदर प्रतिमा विराजमान
अनोखा तीर, हरदा। शारदीय नवरात्रा के पहले दिन शहर की प्रमुख दुर्गा उत्सव समितियां जुलूस एवं शोभायात्रा के रूप में मॉ जगतजननी की विशाल एवं सुंदर मूर्तियां लेकर निकले। वहीं कुछ समितियों ने देर शाम को शोभायात्रा निकाली। इस दौरान जुलूस व शोभायात्रा में भक्ति का बेजोड़ नजारा दिखाई दिया। पुरूषों के साथ साथ युवाओं की टोलियां हाथों में ध्वज लहरा रहीं थीं। वहीं गुलाल की बोछार तथा ढोल-ताशे की धुन पर वे खुद को थिरकने से रोक नही पा रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह की पहली भोर के साथ रविवार को मॉ जगदम्बा की प्रतिमाओं को स्थापना स्थल तक ले जाने का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। इस बीच ग्रामीणजन भी गांवों से प्रतिमा लेने यहां पहुंचे थे। इस दौरान दुर्गा उत्सव समितियों ने अलग-अलग मुहूर्तों में अपनी रूपरेखा अनुरूप प्रतिमा लाने की तैयारी की थी। हर साल की तरह इस साल भी प्रमुख समितियों ने अपने-अपने पांडालों में विशाल व सुंदर प्रतिमाओं की पंडितों के सानिध्य में घटस्थापना कराने के साथ ही 9 दिवसीय सेवा और भक्ति में लीन हो गए हंै। इधर, शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तों के जत्थे मातारानी के दरबार में मत्था टेकने रवाना हो रहे हैं। देवी भक्त सलकनपुर स्थित विजयासन माता एवं देवास स्थित चामुंडा टेकरी समेत अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं। जानकारी के अनुसार दर्शन एवं भक्तिभाव का ये क्रम नवमीं तक चलेगा।
मंत्रोंच्चार की रहेगी धूम
जानकारी के अनुसार नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक पूजन-पाठ एवं मंत्रोच्चार की धूम रहेगी। पहले दिन पंडितों ने मंत्रों के बीच विधि-विधान से मातारानी की घटस्थापना कराई है। वहीं मैया के दरबार में ज्वारे भी लगाए हैं। अब हर रोज पंडित यहां पूजा एवं आरती संपन्न कराएंगे।
सालों से चल रहा अनुष्ठान
हर साल की भांति इस साल भी गोलापुरा स्थित गोंसाईं मंदिर में माता महिषासुर मर्दिनी की विशेष आराधना अंतर्गत मंदिर में रामायण एवं सुंदरकांड का पाठ प्रारंभ हो गया है, जो पूरे 9 दिनों तक चलेगा। समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि यह अनुष्ठान कई सालों से निरंतर चल रहा है।
रोशनी में डूबा मैया का दरबार
नवरात्रि में शहर का महालक्ष्मी मंदिर, काली मंदिर, हरदौल बाबा, अन्नपूर्णा मंदिर, गायत्री मंदिर, दुर्गा मंदिर तवा कालोनी, महिषासुर मर्दिनी गोंसाई मंदिर, कैला मंदिर एवं औद्यौगिक क्षेत्र स्थित ज्वाला मैया का दरबार रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से जगमगा उठा है। इन सभी स्थलों पर नवरात्रि में भक्तों की भीड़ रहेगी।
प्रमुख स्थानों पर प्रतिमा विराजमान
शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होने के साथ ही भक्तों की नियमित पूजा का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में यहां करीब डेढ़ दर्जन ये अधिक स्थानों पर मॉ दुर्गा की प्रतिमाएं विराजमान कराई गई है। जिसमें प्रमुख रूप से चांडक चौराहा, स्टेट बैंक स्थित राजरानी दुर्गा उत्सव समिति, शिवाजी चौक, गोलापुरा होली चौक, श्री संकट मोचन दुर्गा उत्सव समिति नया बस स्टेंड, पंढरीनाथ मंदिर, नर्मदा मंदिर, बड़ी सिंधी कालोनी, प्रताप कालोनी, पानी की टंकी, खंडवा बायपास चौक, तवा कालोनी, वन उपज नाका के पास, चित्राईमली तथा सांई मंदिर के पास सुंदर पांडालों में मॉ दुर्गा की प्रतिमा विराजमान हैं।
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