अनोखा तीर, खंडवा। दीन दुखियों, गरीब, पीड़ितों की सहायता करने से जहां पुण्य की प्राप्ति होती है, वहीं मन में भी शांति बनी रहती है और सेवा करने के बाद शांति का आभास भी होता है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि खालवा लखौरा निवासी राजेश और उसकी पत्नी अनीता अपने गांव से 10 दिन पूर्व मुक्ताईनगर मजदूरी करने गए थे। सोमवार को मजदूरी कर वे अपने गांव के लिए शाम 4 बजे खंडवा बस स्टैंड पहुंचे। बस स्टैंड से राजेश अपनी पत्नी को कह कर गया कि मैं आ रहा हूं फिर अपने गांव चलेंगे, लेकिन राजेश वापस नहीं पलटा। उसकी पत्नी ने उसे बार-बार फोन भी लगाया लेकिन फोन भी उसने नहीं उठाया। शाम से रात भर उसकी पत्नी अनीता भूखे पेट रोती रही। मंगलवार सुबह उसे रोती हुई देख बस स्टैंड पर कुली का कार्य करने वाले समाजसेवी मुख्तियार मनिहार एवं मुकेश दास ने समाजसेवी सुनील जैन को फोन लगाया और घटना की जानकारी दी। श्री जैन ने बस स्टैंड पर पहुंचकर अनीता से घटना को लेकर चर्चा की। उसने बताया कि मैं महाराष्ट्र नागपुर के पास की रहने वाली हूं। मेरे माता-पिता नहीं है मेरा भाई है, चार महीने पहले ही लखौरा के राजेश से मेरी मुलाकात हुई थी और शादी हुई थी। कल शाम मुझे वह छोड़कर चला गया, फोन लगाया मोबाइल पर फोन भी नहीं उठा रहा है। जिसके बाद श्री जैन ने तत्काल सिटी कोतवाली थाना प्रभारी श्री राठौर से चर्चा की और उन्होंने दो महिला कांस्टेबल अनामिका राजपूत, भारती तवर को बस स्टैंड भिजवाया। चर्चा के बाद अनीता ने कहा कि वह अपने भाई के पास नागपुर जाना चाहती हैं। जिसके बाद सभी ने मिलकर उसे 12 अमरावती जाने वाली बस में बैठा दिया। मंगलवार को अनीता का उपवास भी था, फल फ्रूट के साथ उसे कुछ राशि प्रदान कर उसे उसके भाई के पास भिजवाने में सहयोग प्रदान किया। समाजसेवी सुनील जैन, मुख्तियार मनिहार, मुकेश दास, थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर, महिला कांस्टेबल अनामिका राजपूत, भारती तवर के सहयोग से गरीब आदिवासी महिला को सुरक्षित रूप से उसके भाई के पास भिजवाने में सहयोग प्रदान किया। अनामिका ने दुखी महिला को नगद सहायता स्वरूप 500 रुपए नगद भी दिए।
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