अनोखा तीर, हरदा। समय से पहले पोर्टल बंद होने का खामियाजा चार्टर्ड एकाउंटिंग क्षेत्र में कैरियर बनाने वाले युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। लगभग एक सप्ताह पहले पोर्टल बंद होने से अनेक युवा अभ्यर्थी सीए का एग्जाम नहीं दे पाएंगे। इंडियन चार्टड अकाउंटेंट्स इंस्टीट्यूट आईसीएआई ने इस बार सीए की ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भरने की ऑनलाइन विंडो एक हफ्ते पहले 31 अगस्त को ही बंद कर दिया। जबकि हर साल इसका पोर्टल सितंबर के पहले सप्ताह में बंद होता रहा है। इससे चार्टर्ड एकॉउंट क्षेत्र में कैरियर बनाने के इच्छुक हजारों युवा फॉर्म भरने से वंचित रह गए। छात्रों ने कौंसिल मेंबर्स और आईसीएआई अध्यक्ष तक गुहार लगाई। वे लेटफीस के साथ भी फार्म भरने को तैयार हैं लेकिन आईसीएआई ने कोई निर्णय नहीं लिया।
कोई नहीं सुन रहा समस्या
आईसीएआई द्वारा ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भरने की ऑनलाइन विंडो 31 अगस्त को ही बंद करने से हजारों छात्र परेशान हैं। पहले भी अनेक कोर्स में हैवी पेनल्टी के साथ छात्रों को परीक्षा फॉर्म भराए गए हैं। मगर सीए के अभ्यर्थियों को कोई रियायत नहीं मिली।
असल समस्या है नया कोर्स
आईसीएआई मई 2024 से नया कोर्स ला रहा है। जबकि पुराने कोर्स को नवंबर 2023 के एग्जाम तक ही रखा है। जो छात्र पिछले कई सालों पुराने कोर्स अंतर्गत तैयारी कर हैं। उन्हें कम से कम 2 बार पुराने सिलेबस के तहत एडिशनल अटेम्ट्स मिलने चाहिए। जो अब नहीं मिल रहा है। इतनी जल्दी न्यू कोर्स में कन्वर्ट करना, सब्जेक्ट में कन्वर्ट करना और नए सिलेबस में कन्वर्ट करना आसान नहीं होता।
अवसाद में अभ्यर्थी
फॉर्म भरने से वंचित रह गए छात्र हर तरह की सजा भुगतने को तैयार हैं, बशर्ते उनका फॉर्म भरवा दिया जाए। दरअसल, छात्र सालों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। अगर इस बार उनका फॉर्म नहीं भराता है तो अगली बार नया सिलेबस लागू होने के बाद उनकी तैयारियां धरी की धरी रह जाएंगी। इस चिंता में छात्र अवसाद के शिकार हो रहे हैं। आईसीएआई के पदाधिकारियों को भी पता कि बच्चे हैं। कुछ जिनका नुकसान हो रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को एग्जाम देने की व्यवस्था करना चाहिए। अगर आवश्यकता है तो छात्रों पर भारी पेनल्टी भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से कम से कम छात्रों का भविष्य तो अंधकार में नहीं जाएगा।
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