देवास- बारिश की लंबी खेंच अब किसानों को चिंता में डाल रही है। मौसम एक दम साफ हो गया है। तेज धूप के कारण खेतों में नमी भी गायब हो गई है। ऐसे में इन दिनों सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों में बारिश के पानी की आवश्यकता काफी बढ़ गई है। बारिश नहीं होने से खेतों में सोयाबीन सहित अन्य दूसरी फसले मुरझाने लगी है। विगत एक माह से बारिश नहीं होने के कारण देवास जिले के अधिकांश किसानो की फसल नष्ट होने की कगार पर है। देवास जिले को सूखा घोषित किए जाने की मांग को लेकर देवास तहसील के ग्राम मंगरोला, सालमखेड़ी, निजामडी, मेरखेड़ी, नलेश्रा बोरखेड़ी, लसूडिया सोडा, जीवाजीपुरा, रामगढ़, बालाखेड़ी, साबू खेड़ी, ढाबला, बरखेड़ा, बरखेड़ी, सुनवानी दातोत्तर आदि गांवों के किसानों ने कुं. गजेंद्र सिंह मेरखेड़ी के नेतृत्व में सांकेतिक रोड जाम किया।
तत्पश्चात ग्राम मंगरोला में कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौपा। गजेन्द्र सिंह ने बताया कि जून माह में जोरदार बारिश एवं खरीफ फसलों के अच्छे अंकुरण से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर थी। लगातार एक माह पानी गिरने से फसल की बढ़वार भी अच्छी थी। लेकिन बारिश की लंबी खेच के कारण खेतों में दरारें पडऩे लगी हैं। सोयाबीन, मक्का, मूंगफली एवं अन्य फसलें कई जगह मुरझाने लगी हैं। जिसे बचाने के लिए अब किसान खेतों में बोरिंग का पानी देने लगे है। बारिश नहीं होने से किसान काफी चिंतित है। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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