अनोखा तीर, हरदा। चारों तरफ महंगाई का बोलबाला है। हर वर्ग इसकी चपेट में आकर आर्थिक चोट खा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की भाजपा सरकार को खुद की वाहवाही लूटने से फुर्सत नही है, जो यह दर्शाता है कि जनता की खासकर किसानों की सच्ची हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार उनके उत्थान की दिशा में फेल साबित हो रही है। यह बातें पूर्व जिला कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पंवार ने मंगलवार को किसान कांग्रेस के कलेक्ट्रेट घेराव आंदोलन दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। श्री पंवार ने कहा कि किसानों को अपने हक-अधिकार के लिये आगे आने की जरूरत है। उन्होंनें यह भी कहा कि सरकार 15 साल में महंगाई और बेरोजगारी पर कोई लगाम नही लगा सकी। जिसके चलते हालात बेपटरी हो गए हैं। पेट्रोलियम पदार्थो के साथ रोजमर्रा की चीजें आम आदमी की कमर तोड़ रही है। किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष केदार सिरोही ने कहा कि पानी की ंलबी खेंच के कारण फसलों पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे वकत पर किसानों को सुविधाएं मुहैया कराने की जगह जिम्मेदार केवल घोषणाओं तक सीमित हैं। जबकि जमीनी हलात कुछ ओर ही है। उन्होंनें कहा कि भाजपा के राज में बीमा कंपनियां चांदी काट रही हैं। वहीं बीमा के हकदारों को ऊंट के मुंह में जीरा समान बांटा जा रहा है। ये सब गड़बड़झाला क्षेत्र व प्रदेश का जनता भलिभांति समझ रही है। सिरोही ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही किसानों से एकजुट होने की बात पर जोर दिया। वहीं किसानों की अनदेखी को लेकर आवाज बुलंद करने का समय है। कार्यकर्ताओं को पूर्व विधायक डॉ आरके दोगने, किसान कांग्रेस अध्यक्ष मोहन विश्नोई, पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले, अधिवक्ता अनिल जाट, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द व्यास सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस नेता भूपेश पटेल, ओमप्रकाश सौलंकी, उत्तम तेनगुरिया, उमाशंकर विश्रोई, अभिषेक जाणी, पे्ररक सारन, संजय गोयल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
रैली के रूप में पहुंचे कलेक्ट्रेट
यहां से किासान कांग्रेस के बैनर तले कार्यकर्ता और किसान रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रास्ते में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान करीब दो सौ कार्यकर्ता शामिल रहे।
अधिकारी को सौंपा मांगों का ज्ञापन
कलेकट्रेट में कांग्रेसजनों ने मुख्य सचिव के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। जिसके माध्यम से क्षेत्र के किसानों की 13 प्रमुख मांगों को शासन के समक्ष रखा गया। साथ ही उनके समाधान की मांग भी दोहराई।
किसान कांग्रेस की प्रमुख मांगे….
– अल्प वर्षा के चलते जिले को सूखा घोषित किया जाये।
– किसानों का जिला सहकारी बैंक का कर्ज माफ किया जावे।
– वर्ष 2020 की खरीफ फसल की शेष 33 प्रतिशत राहत राशि तत्काल मिले।
– खरीफ 2021-22 का शासन ने अब तक फसलों का औसत उत्पादन का आकड़े सार्वजनिक नहीं किया है । जिसके कारण बीमा दावों के भुगतान की राशि शक के दायरे में है अत: आकड़े सार्वजनिक किए जाएं।
– आरबीसी 64 के तहत किसानों को वर्तमान सीजन की राहत राशि तत्काल दी जाए।
– किसानों को आगामी रबी सीजन की बोनी के लिए खाद बीज अनुदान पर वितरण करें।
– पुराने बिजली बिल माफ कर रबी सीजन में मुफ्त बिजली उपलब्ध कराएं।
– नहरों में तत्काल पानी छोड़ा जाएं तथा अगले 20 दिनों तक 24 घंटे बिजली मिले।
– नवीन ट्रान्सफार्मर 70 प्रतिशत अनुदान पर लगाए जाने की स्कीम लागू करें।
– कृषि विभाग, बीमा कम्पनी एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से खेतों में जाकर हालात देखें।
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