शिक्षक दिवस…. व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका : शुक्ल

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अनोखा तीर, हरदा। शिक्षक दिवस के मौके पर मंगलवार को जिला एवं विकासखंड मुख्यालयों के साथ साथ दूरदराज ग्रामों की शिक्षण संस्थाओं में भी शिक्षक सम्मान कार्यक्रम हुआ। इस दिन छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों को फूलमाला पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं शिक्षा एवं शिक्षक के महत्व विषय पर व्याख्यान भी हुआ। शिक्षक सम्मान कार्यक्रमों का दौर देर शाम तक चलता रहा। इसी क्रम में शहर की बाहेती कॉलोनी स्थित किसान भवन में संभावना विचार मंच एवं वन वाली सृजन केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट तथा उल्लेखनीय कार्य करने के साथ साथ विद्यार्थियों के नैतिक गुणों के संचार करने वाले चयनित शिक्षकों को स्व.एनपी चौबे स्मृति सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान हर साल शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रेमानंद कालरा पूर्व प्राचार्य राधा स्वामी स्कूल एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक उमेश चौहान विशेष रूप से उपस्थित थे। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार एवं शासकीय महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ प्रभुशंकर शुक्ल ने की। इस अवसर पर अतिथियों ने सुश्री अंजलि बघेल माध्यमिक शाला छोटीहरदा, दुर्गेश मंडराई सीएम राइज स्कूल करताना, जैदराम धुर्वे प्राथमिक शाला लछोरा एवं निशा सिंगोरी प्राथमिक शाला कानपुरा को स्व. एनपी चौबे स्मृति सम्मान प्रदान किया है। समस्त शिक्षकों को शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम को सबोंधित करते हुए प्रेमानंद कालरा ने कहा कि आज मिला सम्मान उन्हें ओर अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करने के लिये प्रेरित करेगा। शिक्षक की भूमिका पर कहा कि बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक शिक्षक का दायित्व है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक उमेश चौहान ने कहा बीतें दो दशक से सम्भावना विचार मंच की रचनात्मक गतिविधियों का साक्षी रहा हूं। इस प्रकार के आयोजन जहां शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति संबंधितों को पाबंद करता है। उन्होंनें प्रयोग विषय पर कहा कि यह छात्रों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। जिसके माध्यम से अल्प संसाधनों में भी श्रेष्ठ अध्यापन किया जा सकता है। डॉ प्रभुशंकर शुक्ल ने कहा कि निजी स्कूलों का अस्तित्व सरकारी स्कूल की बुनियाद पर है। शिक्षक व्यक्तित्व एवं भारत निर्माण की मुख्य धुरी है। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेश चौबे ने किया। वहीं स्वागत भाषण वनवाली सृजन केन्द्र की सुश्री शोभा वाजपेयी ने दिया। अंत में क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समाजसेवी सुनील बागरे, अनूप जैन, राजू अग्रवाल, विजय अग्रवाल, प्रदीप अजमेरा, डॉ आनंद झंवर, डॉ आरके पाटिल, डॉ अंजू भायरे, आरके बघेल, सिंधु कोटवाला, ममता रिछारिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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