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Saturday, 24 October 2026
बैतूल

मन को स्थिर करके परमात्मा से जोड़ा जा सकता है: स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती

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बैतूल- अग्रसेन महाराज योग केन्द्र विनोबा नगर में तीन दिवसीय ध्यान साधना योग शिविर के आयोजन में दूसरे दिन जिला आबकारी अधिकारी माहोरे द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। गायत्री पीठ के गायकवाड़ ने शाल एवं श्रीफल से महाराज का सम्मान किया। योग साधक वेदांताचार्य 1008 स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती द्वारा ओमकार के ध्वनि के उच्चारण के साथ विभिन्न प्रकार के योग का महत्व बताया। उन्होंने आख्यान में मनुष्य आत्मज्ञान, आत्मचिंतन से जुड़ने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मनुष्य को अपने चित्त को अपने मन को स्थिर करके परमात्मा से जोड़ा जा सकता है।

प्रणव को मुक्ति का मार्ग बताया एवं कहा कि प्रणव ही व्यक्ति के जीवन का आधार होता है। आगे उन्होंने अपने आख्यान को बढ़ाते हुए कहा कि अपने बाह्य एवं आंतरिक रुप से जिसने अपनी इंद्रियो पर नियंत्रण कर लिया उसके लिये मोक्ष के द्वार खुल जाते है। उन्होंने मन को विचारो संस्कारो का संग्रह बताया। सुख और दुख को परिभाषित करते हुए बताया कि जहां संतोष है, वहां सुख है और जहां असंतोष है वहां दुख है। कार्यक्रम के अंत में अग्रसेन महाराज योग केन्द्र विनोबा नगर के संचालक अनिल राठौर ने महाराज के अनमोल वचनों को सभी श्रोताओं को आत्मसात करने के लिये प्रेरित किया।

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