पागल कुत्ते नेे काटा तो कुत्ते जैसी हरकत करने लगा युवक

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

 

अनोखा तीर, बैतूल। पागल कुत्ते के काटने के बाद अब पीड़ित युवक की हालत हो गई खराब। पानी देखकर डर लगने लगा था। उसे बिजली की लाइट से दिक्कतें होने लगी। इसलिए उजाले से दूर भागने लगा। यही नहीं वह कुत्ते की तरह हरकतें करने लगा है। उसके मुंह से कुत्तों की तरह बहने वाली लार भी लगातार बह रही। यही वजह है कि उसे एक प्राइवेट वार्ड में अलग रखा गया था। लेकिन वह अस्पताल से भाग निकला। यह मामला प्रभात पट्टन इलाके के खेतिहर मजदूर का है। वह रेबीज जैसे जानलेवा वायरस की चपेट आ गया है। उसे भोपाल रैफर किया गया था। लेकिन वह अस्पताल से भाग निकला। उसे लामा घोषित कर दिया गया है। अब वह दूसरे लोगों के लिए भी खतरा बन गया है। मामला बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोडी बिछुआ का है। जहां 15 अगस्त को गज्जू उइके पिता जीवत्या उइके को गांव के ही किसी आवारा पागल कुत्ते ने काट लिया था। कुत्ते के काटने के बाद युवक द्वारा कुत्ते की हत्या कर दी गई। परंतु उसी दिन से वह बीमार रहने लगा। परिजनों ने झाड़ फूंक के माध्यम से उसका उपचार कराया। परंतु उसकी हालत दिनों दिन बिगड़ती चली गई। आज उसकी हालत अत्यधिक बिगड़ने के बाद उसे प्रभात पट्टन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। परंतु उसे तत्काल बैतूल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। बैतूल जिला चिकित्सालय में डॉक्टर द्वारा उसकी जांच कर उसे भोपाल के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन वह भाग निकला।

पागल कुत्ते के काटने से हुआ रेबीज

बताया जा रहा है कि गज्जु के पड़ोस में किसी पागल कुत्ते ने काट लिया था। जिससे गुस्साया गजजू कुत्ते को मारने पहुंचा था। लेकिन इस पागल कुत्ते ने उसे भी काट लिया। कुत्ते के काटने के बाद गज्जू ने कुत्ते को मार डाला। इस घटना के बाद वह चार दिन तो ठीक रहा लेकिन उसके बाद वह कुत्ते जैसी हरकत करने लगा। उसे पानी और लाइट से डर लगने लगा। उनकी स्थिती को देखकर परिजन प्रभात पट्टन अस्पताल पहुंचे। लेकिन यहां उसमे रेबीज के लक्षण देखते ही जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। बैतूल जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे अलग प्राइवेट वार्ड में रखकर भोपाल के लिए रैफर कर दिया था लेकिन वह भाग निकला।

लामा घोषित हुआ मरीज

जिला अस्पताल के आरएमओ डॉक्टर रानू वर्मा ने बताया कि मरीज को गांधी मेडिकल कालेज रैफर किया गया था। लेकिन परिजन उसे भोपाल न ले जाकर अस्पताल से भाग निकले। संभवत: उसे झाड़ फूंक के लिए ले जाया गया है। अब वह दूसरे लोगों के लिए खतरा बन गया है। क्योंकि उसके मुंह से कुत्ते की तरह लार बह रही है, जो संक्रामक है। इसके संपर्क में आने पर सामान्य व्यक्ति भी रेबीज से प्रभावित हो सकता है।

पानी, बिजली से डर रहा मरीज

डॉक्टर रानू के मुताबिक मरीज लाइट और पानी से डर रहा था। इससे साफ हुआ है कि उसे रेबीज का इंफेक्शन हो गया है। चूंकि रेबीज का कोई इलाज नहीं है। इससे आशंका है कि उससे इसकी मृत्यु भी हो सकती है। अगर उसे समय पर लाया जाता तो उसे रेबीज का वैक्सीन लगाया जा सकता था। लेकिन झाड़-फूंक करवाने के चक्कर में परिजन उसे देरी से अस्पताल लेकर पहुंचे।

Views Today: 2

Total Views: 104

Leave a Reply

लेटेस्ट न्यूज़

MP Info लेटेस्ट न्यूज़

error: Content is protected !!