मनरेगा में गड़बड़ी संबंधी शिकायतों की जांच तथा योजना से जुड़े अन्य बिन्दूओं पर अपनी पैनी नजर बनाए रखने के उद्देश्य से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय पहले से ओर अधिक सजग हो गया है। इसी कड़ी में ग्रामीण विकास मंत्रालय अब मनरेगा अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यों की निगरानी के लिये ड्रोन तैनात करने जा रहा है। जिसको लेकर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अपने प्रयासों को गति प्रदान कर दी है।
रितेश त्यागी, हरदा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी अधिनियम अंतर्गत होने वाले कार्यों की निगरानी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की नई नीति तैयार कर रहा है। जिसका उद्देश्य ड्रोन की मदद से पंचायत में चल रहे कार्यो की निगरानी, कार्य पूर्णता की जांच तथा उसके आंकलन एवं गड़बड़ी की शिकायतों की त्वरित जांच की जाएगी। यह भी सामने आया कि केंद्र सरकार ड्रोनों के संचालन के लिए राज्य सरकारों को अतिरिक्त फंड नहीं देगी, बल्कि राज्यों को मनरेगा अंतर्गत प्रदाय राशि में से आकस्मिक खर्च के लिये उपलब्ध आवंटन में से ड्रोन के लिए राशि तय करने की तैयारी है। इसी के साथ यहां भी आने वाले समय में ड्रोन के जरिये निगरानी तथा उसी से शिकायतों की जांच होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा में गड़बड़ी पर अंकुश तथा उसी से संबंधित शिकायतों की जांच के लिये हर जिले में ड्रोन तैनात करने की तैयारी चल रही है, जो मनरेगा अंतर्गत होने वाले कार्यों की निगरानी समेत अन्य बिन्दूओं पर मददगार साबित होगा। यहां बताना होगा कि इसी साल 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास में विज्ञान और तकनीक के उपयोग पर जोर दिया था। साथ ही देशभर में महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन संचालन के लिये प्रशिक्षण देने की बात कही थी। जिस पर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं।
गड़बड़ी पर कसेगा नकेल
जानकारी के अनुसार ड्रोन का उपयोग शुरू होते ही मनरेगा के कामकाज में सुधार की उम्मीद जताई जाने लगी है, वहीं मजदूरों की संख्या, कार्य प्रगति की तस्वीर तथा कार्यो से संबंधित शिकायतों की जांच के मामले में यही ड्रोन मददगार साबित होगा। इसके अलावा मनरेगा में कहीं मशीन का इस्तेमाल तो नही हुआ, उस पर भी नजर रखेगा।
….तो ड्रोन जुटा सकेगा सबूत
मनरेगा के कामकाज की ड्रोन से निगरानी शुरू होने की चर्चाओं के बीच इसे कई मामलों में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिसमें शिकायतों की जांच तथा मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाने की बात सबसे ऊपर हैं। इन सबके अलावा गंभीर शिकायतों के मामले में यही ड्रोन व्यवस्था सबूत जुटाने में मदद भी करेगा।
मनरेगा के कार्यो की ड्रोन से निगरानी करने की रूपरेखा पर मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी ने परिपत्र में कहा कि मनरेगा अंतर्गत होने वाले कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी तथा निरीक्षण के लिए ड्रोन का उपयोग करने का प्रस्ताव किया है। इसके तहत काम शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद एसओपी तस्वीरें खींचकर ड्रोन से निगरानी की जाएगी। परिपत्र में यह भी कहा कि मनरेगा अंतर्गत पूर्ण हुआ कार्य या निर्माण के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के मामलों में ड्रोन का इस्तेमाल कर विशेष निरीक्षण किया जा सकेगा। वहीं, ड्रोन के संचालन का जिम्मा तथा शिकायतों के निराकरण की समय-सीमा भी तय की जाएगी।
Views Today: 2
Total Views: 104

