खरगोन – मप्र शासन द्वारा प्रारम्भ की गई स्नेह यात्रा कसरावद तहसील के बाड़ी गांव पहुँची। यहां ग्रामीणों के साथ संत स्वामियों ने करीब दो घंटे बिताते हुए समाज में कही कही भेदभाव व छुआछूत मिटाने के लिए देश में विकास कार्याें के साथ वर्तमान स्थिति पर विचार किया। अंग्रेजों को देश से भगाने में कई क्रांतिकारियों और महापुरुषों ने समाज में जागरूकता फैलाई। अब हमारी बारी है समाज में समय-समय पर भेदभाव दिखाई देता है। इसको दूर करने में हमारा व्यवहार और दृष्टिकोण बड़ा महत्वपूर्ण है। किसी भी विवाद को हम बहुत आगे तक ले जाते हैं। जबकि संवाद से ऐसे विवादों को दूर किया जा सकता है। स्नेह यात्रा कसरावद जनपद के अमलाथा से कलश यात्रा निकालकर यात्रा की आगवानी कर की गई। स्वामी हरि ओम हरि ओम आनंद महामंडलेश्वर मंगलदास महाराज स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज के साथ गुलावड के संत विजय रामदास जी महाराज भी शामिल हुए। महामंडलेश्वर ने समझाते हुए कहा कि अलग-अलग लकडियों को कोई भी तोड़ सकता है परंतु संगठित होने पर उन्हें कोई हानि नहीं पहुंचा सकता। इसी तरह समाज को भी संगठित रहने पर शक्ति प्रदान होती है।
स्नेह यात्रा में शामिल संत स्वामी ने किए सियाराम बाबा के दर्शन
अमलाथा के बाद यात्रा भट्याण बुजुर्ग पहुंची। यात्रा में शामिल संत स्वामी परम संत सियाराम बाबा दर्शन किये। इसके पश्चात भटियां बुजुर्ग में कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता एवं बच्चों में माता-पिता से मिलने वाले संस्कारों पर चर्चा की। इसके बाद वे संस्कार ही अगली पीढ़ी तक पहुँचते है। यात्रा पीपलगोन बाड़ी एवं खामखेड़ा कार्यक्रम के पश्चात दोपहर को बाड़ी के आगे बिजासनी माता पर संतों स्थानीय समुदाय द्वारा भोजन कराया गया। भोजन पश्चात यात्रा हीरापुर से डेट गांव जहां संतांे द्वारा मंदिर प्रांगण कार्यक्रम संपन्न हुआ। जहां संतों के द्वारा यात्रा में सभी ग्रामीण जनों को सभी वर्ग और समाज के साथ प्रेम से रहने का संदेश दिया यात्रा का उद्देश्य ही आपसे स्नेहा को बढ़ावा देना है। वहां से यात्रा डेट गांव पहुंची जहां अरविंद अवचरे के यहां स्वामी भी शामिल हुए। अंतिम कार्यक्रम तक सोहन सेन अमित मीणा विजय केवट लखन चौहान राकेश पटेल एवं बीएसडब्ल्यू छात्र नवांकुर समिति के कार्यकर्ता शामिल हुए।
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