राजा भरत का देश है भारत – पंडित चंद्रशेखर शर्मा

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

खंडवा-  श्रीमद् भागवत गीता के ज्ञानी राजा जड़ भरत ऋग्वेद काल के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट भरत का यह भारतवर्ष है। राजा भरत के नाम के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष हुआ। सदियों प्राचीन यह देश और इसकी सनातन संस्कृति अमिट है और हम सभी इसको आगे बढ़ाए यह हमारा परम कर्तव्य है। गोपेश्वर महादेव मंदिर समिति के तत्वाधान में गौशाला परिसर में चल रही भागवत कथा के तृतीय दिवस की कथा में पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने उक्त उद्गार व्यक्त किए। पं. शर्मा ने प्रहलाद चरित्र पर कहा कि असुर वंश भी, दानव भी श्री हरि का नाम लेने से नारायण का नाम लेने से परम पद को प्राप्त करते हैं। ऐसे में कलयुग में केवल विष्णु नाम, हरि नाम, राम का नाम ही सत्य है, शेष सभी मिथ्या है। इसके साथ ही आज की कथा में उन्होंने प्रभु महाराज की कथा, प्राचीन बर्ही कथा, पुरंजन पुरंजनी कथा, प्रियव्रत की कथा, ऋषभदेव की कथा, भरत चरित्र, जड़ भरत कथा, नरको का वर्णन एवं उनसे मुक्ति, अजामिल की कथा, दक्ष की कथा, गुरु बृहस्पति द्वारा देवताओं का त्याग एवं नारायण कवच का ज्ञान दिया गया, वृत्तासुर की कथा का भी आज वर्णन किया गया।

सम्पूर्ण कथा में वृंदावन की सांस्कृतिक मंडली ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी। आरती के पश्चात उपस्थित समस्त भक्तों ने गौमाता को लड्डू और मिठाई का गौग्रास करवाया। चौथे दिवस की कथा में  कृष्ण जन्मोत्सव का रंगारंग आयोजन होगा। कथा में नगरजन ने बड़ी संख्या में भाग लिया जिसमें कथा संयोजक आशीष चटकेले, भूपेन्द्र सिंह चौहान, राजेश यादव, मंगल यादव, चारु यादव, मदन भाऊ ठाकरे, पंडित उमेश डोरवाल, रामचंद्र मौर्य, शैलेंद्र अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, सपना झवर, हरी प्रसाद बंसल, रामस्वरूप बाहेती, श्याम शर्मा, मनीष अग्रवाल, सर्वेश राठौर, मनोज पालीवाल, आशीष कपूर, कैलाश पटेल, लोकेश पचौरी, शिव तिवारी, पंकज अग्रवाल, आनंद अग्रवाल, नागेश वालंजकर सहित बड़ी संख्या में भक्तगण सपरिवार उपस्थित थे।

364 Views

Leave a Reply

error: Content is protected !!