आपसी मदभेद दूर करने के लिए संवाद जरूरी

खरगोन- आपसी मतभेद दूर करने का सबसे अच्छा मार्ग संवाद है। जब हम आपस में संवाद बंद कर देते हैं तो दूसरे लोग इसका लाभ उठा जाते हैं और वो कभी एक नहीं होने देते हैं। इसलिए अपनी चेतना का स्वर जगाने के लिए आपस में मेल जोड़ बढ़ाते हुए संवाद करे बातचीत करें हंसे गाए इससे ही प्रेम भाव जागृत होगा।  प्रारम्भ हुई स्नेह यात्रा के दौरान स्वामी हरिओमानंद व अन्य संत ग्रामीणों के साथ बस्तियों में पहुँचकर भेदभाव मिटाने के लिए आशीर्वचन प्रदान कर रहे हैं। स्नेह यात्रा ऊन से प्रारम्भ होकर रायबिड़पुरा, बैजापुरा, रोमचीचली, बरुड होकर निमगुल और नवलपुरा पहुँची। इस दौरान गांव के सरपंच व पटेल सहित वृद्जन तथा जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।

संस्कृति ही नहीं भाव भी अपनाने लगे हैं

स्वामी  आनंद ने ग्रामीणों से कहा कि आज हम हमारी संस्कृति छोड़कर दूसरी संस्कृति अपना रहे हैं। लेकिन सिर्फ संस्कृति ही नहीं इसी कर सहारे हम भाव भी अपना रहें है। हमें सूर्य के समान व्यवहार करना चाहिए। जो किसी के साथ भेदभाव नहीं करता है। महापुरुषों व क्रांतिकारियों ने देश बनाया है। फिर क्यों हम एक दूसरे से भेदभाव रखें।

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