प्रत्येक शनिवार को स्कूलों में “अपार दिवस” मनाया जाएगा
प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में “अपार” आईडी तैयार करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को “मेगा अपार दिवस” का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत शत प्रतिशत विद्यार्थियों की “अपार” आईडी अर्थात *ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री* तैयार करने का कार्य 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है।
प्रदेश में अब तक लगभग 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी है तथा शेष 44 लाख 47 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी आगामी 30 जून तक तैयार की जाना है, क्योंकि प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लगभग 1.38 करोड़ विद्यार्थी नामांकिंत हैं। प्रदेश की सभी स्कूलों में 30 जून तक हर शनिवार को “मेगा अपार दिवस” मनाया जाएगा।
अपार आईडी किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन भर की डिजीटल शैक्षणिक पहचान होती है। इसमें विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक रिकॉर्डस एक जगह सुरक्षित रहते हैं। यह एक डिजीटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्टम है। अपार आईडी, छात्रवृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी होगी है।
विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्मित करवाने के लिए आयुक्त लोक शिक्षण और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने मई माह में संयुक्त हस्ताक्षर से सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र प्रेषित किया था। जिसके अनुक्रम में इन शिविरों में अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र, बैंक, डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है ताकि आधार के अभाव में इस अपार आईडी के निर्माण में कोई बाधा ना आए।

