अनोखा तीर, हरदा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शनिवार को बाल भवन, बायपास चौराहा, हरदा में पोक्सो सपोर्ट पर्सन्स के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत कार्यरत सपोर्ट पर्सन्स को उनकी भूमिका, दायित्वों एवं न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित विधिक और व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था। पोक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश निसार अहमद ने कहा कि यदि कहीं भी कोई पीड़ित बच्चा मिले तो धर्म, समुदाय, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर उसकी तत्काल सहायता करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चंद्रशेखर राठौर ने बताया कि पैरालीगल वालंटियर्स एवं पोक्सो सपोर्ट पर्सन्स का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा तथा अधिक से अधिक सपोर्ट पर्सन्स का चयन कर पीड़ित बच्चों के हित में कार्य कराया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी विवेक शर्मा ने पोक्सो सपोर्ट पर्सन्स को दिए जाने वाले मानदेय, पोक्सो पीड़ितों को मिलने वाली तत्काल राहत सहायता राशि तथा पीड़ित प्रतिकर राशि की जानकारी दी। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों, पीड़ित बालक-बालिकाओं के अधिकारों, न्यायालयीन प्रक्रिया में सपोर्ट पर्सन्स की भूमिका, संवेदनशील व्यवहार, गोपनीयता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश निसार अहमद, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चंद्रशेखर राठौर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लवकुश सिंह तथा किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट संजीव राहंगडाले विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष भावना रावत ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बाल कल्याण समिति के सदस्य विक्रमादित्य टांक ने किया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की सदस्य स्वाति पाण्डेय, शिखा केशवरे, प्रमोद पुरविया, जिला कार्यक्रम अधिकारी विवेक शर्मा, परियोजना अधिकारी अनुराग दुबे, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी गणेश भदौरिया सहित आंकड़ा विश्लेषक, परामर्शदाता, सामाजिक कार्यकर्ता, चाइल्ड सदस्य एवं सभी पोक्सो सपोर्ट पर्सन्स उपस्थित रहे।
पोक्सो सपोर्ट पर्सन्स के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

0 Views




