अनोखा तीर, हरदा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर, हरदा में न्यायालयीन अनुसचिवीय कर्मचारियों की कार्यकुशलता, दक्षता और न्यायालयीन कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रस्तुतकार एवं निष्पादन लिपिक के कर्तव्यों, नियम एवं आदेश (आपराधिक), मध्यप्रदेश व्यवहार न्यायालय नियम, समय प्रबंधन तथा साक्ष्य लेखन से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। द्वितीय दिवस न्यायालयों के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर देते हुए कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) तथा ओपन ऑफिस राइटर के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कर्मचारियों को न्यायालयीन कार्यों में इन तकनीकी संसाधनों के महत्व से भी अवगत कराया गया। तृतीय दिवस नाजिर, सहायक नाजिर, सेल अमीन, मालखाना नाजिर, सांख्यिकी लिपिक, प्रतिलिपिकार, सहायक प्रतिलिपिकार, रिकॉर्ड कीपर एवं लाइब्रेरियन के दायित्वों सहित मध्यप्रदेश आचरण नियम एवं सेवा शर्तों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का न्यायिक अधिकारियों ने समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को नवीन नियमों, तकनीकी संसाधनों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से परिचित कर न्यायालयीन कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना रहा। समापन अवसर पर प्रतिभागियों से सुझाव भी प्राप्त किए गए। कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता बताई। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
न्यायालयीन कर्मचारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण, प्रमाण-पत्र वितरित

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