अनोखा तीर हरदा। वैसे तो ये नजारा हो हंडिया-हरदा रोड स्थित सांई मंदिर के पास का है, मगर अब ऐसे दृश्य हर रोड पर आए दिन नजर आने लगे हैं। अक्सर ये गाय-बैल बीच रोड पर कहीं भी बैठ जाते है, या झुंड में खड़े मिलते हैं। इनका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। मार्ग से निकलने वाले भारी वाहन ट्रक, डंपर, यात्रीबस तथा छोटे-बड़े वाहन सब इनके साइड से निकलते रहते हैं। ऐसे में कोई बड़ी घटना दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। इस ओर स्थानीय नगर पालिका और ग्राम पंचायतों का ध्यान न होने से यह हालात कमोबेश संपूर्ण जिले में बने रहते हैं। दरअसल शासन द्वारा हर पंचायत क्षेत्र में एक-एक गौशाला शुरू करने की योजना का ऐलान किए जाने के बाद लगभग सभी गौपालकों ने दूध न देने वाली गायों और बूढ़े जानवरों को छोड़ दिया है। यहां-वहां मार्गों पर बैठकर ये यातायात में व्यवधान पैदा करते हैं। कई बार अचानक किसी वाहन के सामने आ जाने पर ये दुर्घटनाओं का कारण भी बन जाते हैं। वहीं विचरण करने दौरान ये खेतों की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। इस कारण किसानों की नाराजी सामने आती है। इसको लेकर एक-दो बार कुछ किसानों ने ज्ञापन सौंपकर उचित कार्यवाही करने की मांग की। मगर स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए।
टैग वाली गायों को चिन्हित करें
गणमान्य नागरिकों का कहना है कि निकायों और ग्राम पंचायतों को चाहिए कि ऐसे मवेशियों को पकड़कर कांजीहाउस या गौशाला पहुंचाएं और टैग वाले मवेशियों के स्वामी का पता कर उन्हें समझाईश दें। यदि ये जिम्मेदारी न मानें तो उनके विरुद्ध थानों में शिकायत दर्ज की जाए।
Views Today: 2
Total Views: 116

