खंडवा- जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ ने हजारों वर्ष पूर्व श्रावण मास की सप्तमी के दिन झारखंड प्रांत की शिखरजी की पहाड़ी पर तप और तपस्या करते हुए मोक्ष पाया था। पूरे देश भर के सामाजिक श्रद्धालु भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस पर प्रातः काल पूजन अभिषेक शांति धारा कर लाडू चढ़ाते हैं। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि भगवान पारसनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस पर बुधवार को प्रातः सभी दिगंबर जैन मंदिरों में निर्वाण उत्सव मनाया जाएगा।
घासपुरा महावीर दिगंबर जैन मंदिर में नित्य नियम पूजन के साथ शिखरजी की रचना में विराजित रत्न जड़ित प्रतिमा का अभिषेक शांति धारा कर निर्वाण कांड का वाचन करते हुए लाडू चढ़ाकर आरती की जाएगी। सराफा स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक व शांति धारा की जाकर लाडू चढ़ाया जाएगा एवं नवकार नगर मंदिर में भगवान के अभिषेक व शांति धारा के पश्चात पार्श्वनाथ विधान मंडल की पूजा की जाएगी
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