खरगोन- मप्र शासन द्वारा गत प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ स्नेह यात्रा प्रारम्भ हुई। यात्रा में शामिल सन्त व स्वामी तथा सामाजिक संस्थाओं द्वारा गरीब व पिछड़ी बस्तियों में पहुँचकर उनके साथ आध्यात्मिक और सामाजिक तथा व्याहारिक संवाद कर प्रेम और सद्भाव फैलाने के बारे में संवाद चर्चाएं और स्वामियों के सानिध्य में आशीर्वाद प्राप्त कर रहे है। यह यात्रा खरगोन शहर से लगे गांव बड़गांव पहुँची। यहां यात्रा का ग्रामीणों ने ताशों के साथ फूल बरसाकर स्वागत किया। यह यात्रा कहीं बारिश की फुहारों तो कही झमाझम बारिश के बीच पर निरन्तर आगे चल रही है।
यात्रा के दौरान स्वामी हरिओमानंद आंनद ने बड़गांव में कहा कि मनुष्य का भाव और दृष्टि व्यावहारिक जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इन दो के कारण प्यार भी पनपता और नफरत भी दोनों सही जगह पर लुटाने पर जीवन सार्थकता की ओर बढ़ता है। छोटे-छोटे विवाद और मतभेद भेदभाव का भी रूप ले लेते हैं। इसलिए थोड़ा विचारे क्या आपका व्यवहार इस विषय पर या इस व्यक्ति या किसी भी व्यक्ति के लिए ठीक है ? इस भाव को जगाना चाहिए। भाव और दृष्टि को परखना चाहिए। जीवन सिर्फ नफरत के लिए नही है। यात्रा के दौरान जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक विजय शर्मा साथ रहे।
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