जीवन में कथा उपयेागी, सत्संग का भी बड़ा महत्व है : सत्यदेवानंद महाराज

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-नीमगांव में श्रीमद्भ भागवत कथा जारी

हरदा। नीमगांव स्थित श्रीगुरु जम्भेश्वर मंदिर में ग्रामवासियों व विश्नोई समाज के सहयोग से श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का संगीतमय आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन मंगलवार को हरिद्वार से आए आचार्यश्री सत्यदेवानंद महाराज ने कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कथा जीवन में अत्यंत उपयोगी है। सत्संग की जीवन में बड़ी महिमा है। भागवत महापुराण में उद्धव जी ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि भगवान आप कोई ऐसा साधन हमें बताई, जिससे कि कोई बहुत जल्दी आप अपने भक्तों के सम्मुख प्रकट हो जाएं। भगवान कहते हैं कि चारों युगों में मुझे प्राप्त करने के अनेक अनेक साधन महापुरुषों ने बताए हैं, लेकिन जो सबसे सरल और सहज साधन है उसका नाम है सत्संग है। सत्संग सुनने से जीवन बदलता है। सत्संग सुनने से भगवान मिलते हैं। शब्दवाणी में कहीं कहीं गुरु जम्भेश्वर ने लोगों से प्रश्न किए हैं। इसलिए लगता है कि जो जम्भेश्वर की वाणी है वह प्रश्नात्मक है। जैसे आप सब लोग यहां बैठे हैं वहां समराथल की पावन धरती पर गुरुजाम्भोजी विराजमान होते थे। कई लोग उनसे प्रश्न करते तो कभी गुरुमहाराज स्वयं प्रश्न कर लिया करते थे। ऐसा ही उन्होंने एक प्रश्न किया कि लोहा पानी में किस विधि से तैरता है। जवाब देते हुए श्रीजम्भेश्वर ने कहा कि जिस तरह लकड़ी के सहारे लोहा पानी में तैर जाता है ठीक उसी प्रकार इस संसार रूपी सागर में सत्संग से मानव अपना कल्याण कर सकता है। इसी प्रकार कथा वाचक आचार्यश्री सत्यदेवानंद महाराज ने कहस कि भक्ति से ही जीवन का उत्कर्ष है। जैसे भक्त ध्रुव ने भगवान की भक्ति की उसका उत्कर्ष हुआ। हरि दर्शन होने से जो जैसी और जिसकी भक्ति करता है उसका उत्कर्ष भी वैसा ही होता है। बुधवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की कथा सुनाई जाएगी। कथा सुनने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंच रहे हैं।

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