आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर के इन्दौर रोड का नजारा है। जहां लोग यातायात नियमों को ताक पर रखकर वाहनों को दौड़ाते हुए नजर आएंगे। यह सिलसिला सुबह से प्रारंभ होता है, जो देर रात तक जारी रहता है। इस बीच नवयुवक स्टंट करने में भी पीछे नही रहते हैं। हालांकि ये सब अप्रिय घटनाओं का संकेत है। बावजूद शहर की प्रमुख सड़क इन्दौर रोड, छीपानेर रोड, खंडवा बायपास तथा मंडी के आसपास देखने को मिल जाएगा। जहां दोपहिया पर सवार युवक उसे अंधी रफ्तार में भगाते हैं। इतना ही नही, एक गाड़ी पर तीन तथ चार सवारी तक बैठाते हैं। जिसके चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इधर, यातायात नियंत्रण की दृष्टि से प्रमुख चौराहों पर कैमरे लगे हैं। इसके बावजूद लापरवाह वाहन चालकों के साथ-साथ स्टंटबाजों पर नकेल नही कसी जा सकी है। इस बारे में जागरूक नागरिकों का कहना है कि कुछ लोग यातायात नियमों का माखौल उड़ाते हैं। जिन्हें दूर से ही देखकर अन्य वाहन चालक साइड होना बेहतर समझते हैं, ताकि दुर्घटना तथा बेवजह की झंझट को टाला जा सके। ऐसा ही कुछ हाल शहर की महाराण प्रताप कालोनी समेत अन्य रिहायशी इलाकों में देखने व सुनने को मिल चुका है। जिसका वहां के स्थानीय रहवासियों ने पूरजोर विरोध कर कालोनी में अंधी रफ्तार और ध्वनि प्रदूषण पर एतराज जताया था। जिसके परिणामस्वरूप इन इलाकों में निर्भया की पेट्रोलिंग बढ़ाई गई। जिसका असर यह हुआ कि लोगों को इससे निजात मिला। परंतु यही हालात अन्य इलाकों में जस के तस बने हुए हैं। जिससे दो-चार करने वाले लोग इतना जरूर कह देते हैं, कि यह बात गलत है।

