खरगोन- प्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक जिले में स्नेह यात्रा प्रारम्भ की गई। पिछले 4 दिनों में खरगोन जिले में यह यात्रा महेश्वर से बड़वाह और पांचवे दिन भीकनगांव में प्रवेश की। यात्रा में शामिल संत समाज भेदभाव, छुआछूत का भाव मिटाने के लिए महेश्वर के मेहतवाड़ा से प्रारम्भ हुई यात्रा में साथ होकर सत्संग कर रहे है। यात्रा पांचवे दिन अहीर खेड़ा से प्रारंभ हुई। अहिरखेड़ा के नागरिकों बालक और बालिकाओं व महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और बाजे गाजे के साथ फूल बरसाते हुए अभूतपूर्व स्वागत किया। संत जन द्वारा समाज को भेदभाव छुआछूत छोड़कर के सम्राट समाज में सांस्कृतिक समाज की अवधारणा के बारे में बतलाया। जब यात्रा अंदड के श्रीराम मंदिर में पहुंची तो वहां भव्य स्वागत हुआ। स्कूल प्रांगण में बड़ी संख्या में महिला पुरुष बच्चे शामिल हुए जहां सभा को संबोधित करते हुए स्वामी हरिओम आनंद जी ने हनुमान चालीसा की व्याख्या करते हुए बताया कि जो यह बड़े हनुमान चालीसा होय सिद्धि साखी गौरी सा। हनुमान चालीसा में पाठ करने के लिए किसी विशेष को अधिकार नहीं दिया जो यह पढ़े इसको सभी पढ़ सकते हैं। इसी प्रकार सनातन धर्म में कभी किसी प्रकार की जाति नहीं रही जातियां समय के साथ परिस्थितियों के कारण बनी पता हमें सारे विभेद भूलकर समाज में संगठित रूप से रहना है। अंदड में ही विरेंद्र कैथवास वंचित वर्ग के परिवार में जाकर उनका स्वागत स्वामी हरिओम हरिओम आनंद द्वारा किया गया।
यात्रा दौड़वा में करेगी रात्रि विश्राम

यात्रा अहिरखेड़ा से प्रारम्भ होकर अंदड, मछलगांव, देवला और अजनगांव पहुँचकर भोज व सत्संग किया। इसके बाद यात्रा कांझर, लालखेड़ा, भतालपुरा से बझर से दौड़वा में रात्रिविश्राम करेगी।
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