गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीकी अधिनियम के तहत जागरुकता की शपथ दिलाई

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

खण्डवा- दादाजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, खंडवा में जागरुकता कार्यक्रम के तहत  नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ. रश्मि कौषल द्वारा नर्सिंग छात्राओं को घटते लिंगानुपात की जानकारी देते हुए कहा कि परिवार,समाज व समुदाय में जानकारी दी जावे की लड़का लड़की एक समान है, दोनों में भेदभाव नही करना चाहिए। लिंग परिक्षण कराना व करना दोनों कानूनन अपराध है। अधिनियम के प्रावधानों और नियमों के उल्लघन पर 5 वर्ष तक की सजा एवं 1 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड निधारित है। उन्होंने बताया कि मॉ के पेट में पल रहा शिशु बेटा है या बेटी ये पिता को गुणसुत्र पर निर्भर करता है। महिला सशक्तिकरण व समाज में महिलाआंे के प्रति भेदभाव समाप्त करना, समय की मांग व विकास की बुनियादी शर्त बन गयी है।

सभी समाज, समुदाय के लोगों की सामूहिक जवाबदारी भी है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के नारे को सार्थक बनायें। महाविद्यालय में छात्राओं से हस्ताक्षर करवाकर व शपथ दिलवाकर अधिक से अधिक लोगों को इस अधिनियम के प्रति जागरुक होने का संदेश दिया। डॉ. कौशल ने कहा कि जिले के महाविद्यालयों में अग्रणी बालिकाओं को पी.सी.एण्ड.पी.एन.डी.टी. अधिनियम का ब्रांड एम्बेसेडर बनाकर, महाविद्यालयों में जन जागरुकता किया जा रहा  है। डीपीएचएनओ श्रीमति अनिता शुक्ला ने जानकारी देते हुए कहा कि अपने परिवार, समुदाय व सामाजिक कार्यक्रमों में पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में बतायें। इस दौरान  मीडिया अधिकारी वी.एस.मण्डलोई, संचालक दादाजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग अनिल धारीवाल सहित नर्सिंग स्टॉफ मौजूद था।

96 Views

Leave a Reply

error: Content is protected !!