अनोखा तीर, हरदा। विगत 25 वर्षों से लगातार वेतनमान विसंगति दूर करने पटवारियों ने जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पटवारी संघ ने ज्ञापन में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। प्रदेश पटवारी संघ के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल एवं संवाद समिति अध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि प्रदेश के पटवारी वेतनमान विसंगति को दूर कर 2800 ग्रेडपे की मांग विगत 25 वर्षों से कर रहे हैं। प्रदेश में पटवारियों को वर्ष 1998 में निर्धारित वेतनमान के अनुसार ही वर्तमान वर्ष 2023 में वेतन दिया जा रहा है। विगत 25 वर्षों में प्रदेश के पटवारियों के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं की गई है। जबकि पटवारियों से पूरे सेवाकाल में कार्य लेने वाले राजस्व विभाग एवं उसकी पदस्थापना वाले भू-अभिलेख विभाग के सभी पदोन्नत पदों राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू अभिलेख, तहसीलदार, अधीक्षक भू अभिलेख के वेतनमान में कई बार वृद्धि की गई। पटवारी वेतनमान पे ग्रेड 2800 हेतु भी वर्ष 2007 पटवारी महाअधिवेशन सनावद में घोषणा की गई थी। राजस्व मंत्री द्वारा पटवारी संघ को 2800 पे-ग्रेड करने का लिखित आश्वासन दिया गया था। इसके क्रियान्वयन का प्रदेश के पटवारी को आज भी इंतजार है। कानून में संशोधन कर मध्यप्रदेश के पटवारियों को एक उच्चपद का अतिरिक्त कार्य सीमांकन तो दिया गया परंतु समान कार्य समान वेतन के आधार पर राजस्व निरीक्षक का वेतनमान नही दिया। अत: समान कार्य समान वेतन को लागू करते हुए पटवारी को राजस्व निरीक्षक के समान पे ग्रेड 2800 दिया जाए।
वेतनमान के साथ ही यह भी मांग
समयमान वेतन : प्रदेश के पटवारियों को ग्रेड पे के सापेक्ष समयमान वेतन दिया जा रहा है, जबकि विधि अनुसार पद के सापेक्ष समयमान वेतन प्रति 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर दिया जाए। मध्यप्रदेश में पटवारी संवर्ग को समयमान वेतन पद के सापेक्ष न होकर पे ग्रेड के सापेक्ष में दिया जाता है। अत: पद के सापेक्ष समयमान वेतन के आदेश प्रसारित किये जाएं। विभाग में कुछ माह पूर्व राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक के पदों से क्रमश: डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति दी गई किन्तु प्रशासन की रीढ़ कहे जाने वाले पटवारी पद से भेदभाव कर पदोन्नति से वंचित रखा गया।
भत्तों में बढ़ोत्तरी : विगत दस वर्षों से पटवारी के किसी भत्ते में वृद्धि नहीं की गई है। तीन सदस्यीय भत्ता समिति को दिए पत्र पर गृह भाड़ा भत्ता, अतिरिक्त हल्के का भत्ता, यात्रा भत्ता, अन्य विभागों के कार्य भत्ता, मोबाइल एवं डाटा भत्ता, कार्यालय भत्ता देने की माँग महंगाई के अनुसार की गई है। जिनमें सहानुभूतिपूर्वक विचार कर वृद्धि के आदेश प्रसारित किए जाएं। मध्यप्रदेश के सभी पटवारियों द्वारा केन्द्र व राज्य शासन की विभिन्न विभागों की अनेक योजनाओं पीएम किसान, सीएम किसान, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना, धारणाधिकार, गिरदावरी, फसल कटाई प्रयोग का कार्य सारा एप पर उनके निजी मोबाईल से किया जा रहा हैं। म.प्र. पटवारी संघ द्वारा विगत कई वर्षों में कई बार ज्ञापन प्रस्तुत कर शासन से उक्त कार्यों के लिए स्तरीय संसाधन अपडेटेड मोबाईल की मांग की गई हैं, परंतु आज दिनांक तक उक्त संबंध में संसाधन उपलब्ध कराने हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई। पांच वर्ष से अधिक समय पूर्व मात्र कुछ हजार पटवारियों को दिए गए निम्न कीमत के मोबाईल आउट डेटेड हो चुके हैं जो यदि चल भी रहे हो तो उनमें सारा ऐप नहीं चलता है। पटवारियों को उनके कार्य हेतु संसाधन मोबाईल एवं ईटीएस मशीन, रोवर मशीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन में आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो 21 अगस्त से प्रदेश के सम्पूर्ण पटवारी शासकीय वाट्सएप गु्रप से रिमूव हो जाएंगे। वे सम्पूर्ण ऑनलाईन कार्य से विरत हो जाएंगे। द्वितीय चरण में 23 अगस्त से प्रदेश के पटवारी 3 दिवस के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। फिर भी शासन द्वारा पटवारियों की मांग के सम्बन्ध में कोई उचित निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश के पटवारी कलम बंद हड़ताल को विवश होंगे।
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