अनोखा तीर, हरदा। इस साल पांच शुभ योगों में विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। अधिकमास के चलते इसका खसा महत्व है। जिसे ध्यान में रखकर शुभ योग में पूजा-पाठ तथा शुभ कार्यो की आधारशिला रखने की तैयारियां हैं। बताया जा रहा है कि पुरूषोत्तम मास की विनायक चतुर्थी फलदायी है। इस मौके पर संपन्न पूजन-पाठ समेत विभिन्न अनुष्ठान से प्रथम पूज्य गणराज की अपार कृपा बनी रहती है। यही वजह है कि धर्मप्रेमीजन इस तिथि पर विशेष पूजा की तैयारियों में जुट गए हैं। पंडितों के मुताबिक धार्मिक स्थलों के अलावा पवित्र नदी के घाटों पर पूजा की महत्व दोगुना हो जाता है। यह भी बताया कि इस साल विनायक चतुर्थी पांच शुभ योगों में मनाई जा सकेगी। शुभ संयोग में पूजा-पाठ तथा शुभ कार्य लाभकारी रहेगा।
मंत्रों के जाप से सारे कष्ट दूर
पंडितों के मुताबिक हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश को समर्पित मानी जाती है। इस दिन मंगलमूर्ति की आराधना सारे कष्टों को हर लेती है। पुरूषोत्तम मास की विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश का अभिषेक पूजन एवं मंत्रों का जाप करने से प्रभु की कृपा बरसती है, वहीं घर-परिवार में सुख-समृद्धि के द्वार खोलती है।
पूजा-अर्चना का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 19 अगस्त 2023 की रात 10 बजकर 19 मिनिट से प्रारंभ होगी, जो कि 21 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजकर 21 मिनिट पर समाप्त होगी। इस बीच पूजा का शुभ मुहूर्त 20 अगस्त को सुबह 11 बजकर 26 मिनिट से दोपहर 1 बजकर 58 मिनिट तक रहेगा।
व्रत एवं पूजा का कई गुना फल
सावन के महीने में अधिक मास के चलते इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। सावन में इस बार दो विनायक रहीं। इनमें पहली विनायक चतुर्थी मनाई जा चुकी है। जबकि 20 अगस्त को सावन की दूसरी चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन बन रहे पांच शुभ योग दौरान व्रत एवं पूजन-पाठ का कई गुना फल मिलता है।
ये पांच शुभ योग….
– सर्वार्थ सिद्धि योग
20 अगस्त को सुबह 6.21 से 21 अगस्त को सुबह 4.22 तक
– रवि योग
20 अगस्त को सुबह 6.21 से 21 अगस्त को सुबह 4.22 तक
– अमृत सिद्धि योग
20 अगस्त को सुबह 6.21 से 21 अगस्त को सुबह 4.22 तक
– सांध्य योग
19 अगस्त को रात 9.19 से 20 अगस्त को सुबह 9.59 तक
– शुभ योग
20 अगस्त को सुबह 9.59 से 21 अगस्त को रात 10.21 तक

