सरस्वती शिशु-विद्या मंदिर में भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन

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अनोखा तीर, हरदा। स्थानीय विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर हरदा के सनातन सभागृह में सोमवार को भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में समारोह आयाजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती, भारत माता एवं प्रणवाक्षर ओम के चित्र के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। मंचस्थ अतिथिगण मुख्य वक्ता धन्नालाल दोगने नर्मदापुरम् विभाग संघचालक, विशेष अतिथि सतीश अग्रवाल विद्याभारती मध्यभारत प्रांत के प्रांतीय घोष प्रमुख तथा विद्यालय के प्राचार्य विनय शर्मा का परिचय विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य रामदास राजपूत ने कराया। स्वागत विद्यालय छात्र संसद के प्रधानमंत्री कुलदीप चौहान एवं आरती केसवानी द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता श्री दोगने ने कहा कि चिंतन के इस दिवस पर इतिहास के पृष्ठों को पलटने पर ज्ञात होता है कि हमारा भारत सांस्कृतिक आध्यात्मिक दृष्टि से तथा साहस व शौर्य के रूप में गौरवशाली अखंड इतिहास रहा है परंतु कालांतर में हमारा भारत पुण्यभूमि भारत ‘सोने की चिडिया भारत’ ‘विश्व गुरू भारत’ चंद स्वार्थी राजा महाराजाओं एवं राजनैतिक चाटुकारों के व्यक्तिगत स्वार्थो की पूर्ति हेतु आक्रांताओं मुगलों-अंग्रेजों की कुटिलता एवं षडय़ंत्रों से हमारा सांस्कृतिक राष्ट्र भारत का विभाजन समय-समय होता रहा है जैसे थाईलैंड, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, तिब्बत, म्यामांर, बांग्लादेश एवं पाकिस्तान के रूप में अंतिम विभाजन 14 अगस्त 1947 को हुआ था। इसकी सदैव स्मृति बनाये रखकर इन गलतियों से सीख लेते हुए पुण्यभूमि भारत माँ को पुन: एकता और अखंड बनाने का संकल्प लेकर इस दिशा में अपने कर्तव्य का सतत् निर्वहन करना होगा। तभी इस तरह के आयोजनों का मनाना सार्थक हो सकेगा। समारोह के अंत में आभार प्रदर्शन व सफल संचालन श्रीमती साधना ताम्रकार ने किया। इसी क्रम में बलिदानियों की स्मृति को अक्षुण बनाए रखने के लिए विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं एवं पूर्व छात्रों ने मिडिल स्कूल स्थिति बलिदानी स्मारक स्थल पर पहुंचकर स्मारक की साफ-सफाई, माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन किया।

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