अनोखा तीर, हरदा। हाथों में डमरू -त्रिशूल एवं गले में मुंडों की माला पहने भगवान शिव की बारात निकली। बारात में साधु-संत एवं वनवासियों का तांता लगा हुआ था। जो बम-बम भोले की धुन पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। इस दौरान बारात को देखने के लिये घरों के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान सभी बारातियों का उत्साह देखते बन रहा था। दरअसल, शहर के गोंसाईं मंदिर में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित सुशील जोशी के मुखारबिंद से श्री शिवमहापुराण का आयोजन चल रहा है। जिसके तीसरे दिन शिव विवाह का प्रसंग सुनाया गया। इसके अंत में भगवान शिव की बारात निकाली गई। जिसमें नन्ही बालिका ने भगवान शिव का रूप धरा था, वहीं छोटे-छोटे बच्चे साधु-संत, भूत और तांत्रिक के वेशभूषा में शामिल हुए थे। शिव की बारात कसेरा मोहल्ला, होली चौक होते हुए गोंसाईं मंदिर पहुंची। जहां पहले मौजूद श्रद्धालुओं ने बारात के आगमन पर खूब फूल बरसाये। वहीं हर-हर महादेव और जय-जय शिवशंकर के जयघोष लगाए गये। इस मौके पर पूरा वातावरण शिवभक्ति में डूबा हुआ दिखा। इधर, शिव बारात से पहले पंडित सुशील जोशी ने शिव विवाह की कथा सुनाई। उससे जुड़े अनेक प्रसंग भी सुनायें। जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। आयोजक डबकैया एवं पचौरी परिवार ने बताया कि 10 अगस्त से प्रारंभ शिवमहापुराण का 16 अगस्त को समापन हो गया। इस बीच प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम शम 5 बजे तक कथा जारी है। उन्होंनें धर्मप्रेमीजनों से पवित्र श्रावण माह में कथा का श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।

