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Friday, 9 October 2026
देवास

जय जोहार से गूंजा देवास, रैली में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक, समाजजनों ने मनाया विश्व आदिवासी दिवस

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देवास- विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे आदिवासी समाजजनों ने आमु आखा एक छै, जय जोहार के नारे लगाए। साथ ही एक तीर एक कमान, आदिवासी एक समान, वनवासी नहीं आदिवासी हैं हम इस देश के मूलवासी है, सरकार देश की चालक है आदिवासी देश का मालिक है, यूसीसी रद्द करो, जल जंगल जमीन कुणीन छै आमरी छै आमरी छै, आदिवासियों पर शोषण अत्याचार बंद हो, विश्व में शांति कायम हो, ना नेता का नाम किसी गुंडा का , यह देश है बिरसा मुंडा के नारे लगाए गए। नारों के साथ शहर से सटे अलग-अलग गांवों से पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा पहनकर हाथ में सजी धजी रंगबिरंगी तीर कमान, महिलाएं आदिवासी नाटी पहने, हाथ में फालिया, कमर पर गोफन बांधकर, सिर पर लाल साफा, गले में आदिवासी पीला गमझा

डालकर, पानी की हल्की-हल्की बौछारों के साथ मांदल की थाप तथा बांसुरी की धून पर आदिवासी लोकनृत्य करते हुए आदिवासी समाज का कुदरती प्राकृतिक रंग पीला झंडा और देश की आन बान शान तिरंगा हाथ में लेकर हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन देवास के पास ग्राम खेताखेड़ी, क्षिप्रा,भीमसी, नागुखेड़ी, बुदासा, खल एवं अन्य जगहों से स्वास्तिक गार्डन भोपाल चौराहा देवास में इकठ्ठा हुए। सर्वप्रथम समाज के बुजुर्ग डहालो द्वारा ज्वार, नीम के पत्ते, पानी, हल्दी, खाकरे के पत्तों से प्राकृतिक पूजा अर्चना कर मां प्रकृति तथा पुरखों को आमंत्रित किया गया। तत्पश्चात स्वास्तिक गार्डन से रैली के रूप में कलेक्टर ऑफिस पहुंचे, अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपकर सांस्कृतिक रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस भोपाल रोड स्थित एक गार्डन में में सामाजिक वैचारिक आमसभा में तब्दील हुई।

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