
अनोखा तीर, हरदा। सेठ हरिशंकर मांगलिक भवन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छटवें दिन गोचरण लीला, महारास, रुकमणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। व्यास गादी पर विराजमान पं. लाला जी दधीच ने बताया कि गौ सेवा मानव का परम धर्म है। क्योंकि गौमाता में तैतीस करोड़ देवी देवता निवास करते हैं। महारास लीला में कान्हा के साथ गोपियां बनकर आई महिलाओं ने भक्तीमय होकर नृत्य किया। भगवान श्रीकृष्ण की महिमा के साथ रुकमणि विवाह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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