अनोखा तीर, हरदा। हमारे देश में संविधान सर्वोपरि है। इसे हमारे उन नेताओं ने तैयार किया है जिन्होंने आजादी की जंग में महती भूमिका निभाई थी। इसमें सबसे खास पहलू संविधान की प्रस्तावना है जो हमें काफी दिशा निर्देश देती है। शुक्रवार को हरदा के निजी होटल में आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में सभी ख्याति प्राप्त अधिवक्ताओं ने इस पर गहन चर्चा की। इस सम्मेलन की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता व राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने की। इस दौरान मप्र हाईकोर्ट जबलपुर के अधिवक्ता शशांक शेखर, अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय गुप्ता, लिव लॉ के को-फाउंडर पीव्ही दिनेश एवं नईदिल्ली के अधिवक्ता प्रखर दीक्षित ने भी विशेष रूप से शिरकत कर संविधान और लोकतंत्र बचाने में अधिवक्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विवेक तन्खा ने कहा कि लोगों को संविधान अनुसार उनका हक दिलाने में अधिवक्ता महती भूमिका निभाते हैं। मगर अभी उनके हक में कुछ नहीं आया है। विगत दिनों मैंने पार्लियामेंट्री कमेटी में एक प्रस्ताव रखा है कि कोर्ट भवन निर्माण में बार कौंसिल के लिए बार रूम भी इन बिल्ट रखा जाए। भारत की न्याय व्यवस्था में वकीलों की महती भूमिका देखते हुए यह किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्याय में भी ह्यूमैनिटीज दिखाई देना चाहिए अन्यथा उस न्याय का कोई अर्थ नहीं है। श्री तन्खा ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा समय-समय पर बड़े सोशल इवेंट आयोजित कर देश की व्यवस्थाओं में महती कार्य किए गए हैं। अधिवक्ता अजय गुप्ता ने भी कहा कि जब लोगों को कोई आस नहीं दिखाई देती है तब न्याय व्यवस्था उसका सबसे बड़ा संबल होती है। सम्मेलन में हरदा अधिवक्ता संघ के 6 सदस्य जिन्होंने वकालत पेशे में 50 वर्ष पूर्ण किए हैं, उनका सम्मान किया गया। अंत में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अमर यादव ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री तन्खा द्वारा अधिवक्ता संरक्षण कानून एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, सीनियर वकीलों को पेंशन और जूनियर के लिए स्कॉलरशिप दिलाने के लिए महती कार्य किया जा रहा है। अभी हमारी मंजिल दूर है। उन्होंने बताया कि श्री तन्खा ने आते ही चेक देकर बार रूम के रिनोवेशन में मदद की। उनके कार्यों और हरदा आगमन के लिए सभी अतिथि वक्ताओं व नागरिकों का आभार। कार्यक्रम का आयोजन अधिवक्ता अवनि बंसल द्वारा किया गया था।
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