विधानसभा में आश्वासन के बाद भी कछुआ चाल से हो रही है आईएफएस की जांच

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

 

गणेश पांडे, भोपाल। राज्य वन सेवा से आईएफएस अधिकारी बनी प्रतिभा शुक्ला पर आर्थिक अनियमितता के गंभीर आरोप है। इन आरोपों को लेकर बीजेपी विधायक महेश राय द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में वन मंत्री विजय शाह ने जांच कराने और कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके शुक्ला के खिलाफ जांच कछुआ चाल से हो रही है। बतौर आईएफएस उनकी पदस्थापना वन विकास निगम में हुई है। सदन के भीतर दिए गए वन मंत्री विजय शाह के जांच के आश्वासन के बाद भी प्रतिभा शुक्ला के खिलाफ 4 महीने से चल रही है। अभी भी जांच प्रतिवेदन तैयार नहीं हुआ है। जबकि शाह ने एक महीने के भीतर जांच पूर्ण कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। 4 महीने का समय बीत गया कि इंतजार कब तक पूरी नहीं हुई। अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने वन बल प्रमुख आरके गुप्ता को दिसंबर 22 में ही विधायक महेश राय द्वारा लगाए गए आरोपों के पत्र के साथ जांच के निर्देश दिए थे। गौरतलब यह भी है कि गंभीर आरोपों के बीच ही शुक्ला राज्य वन सेवा से आईएफएस अधिकारी भी बन गई है।

भाजपा विधायक महेश राय ने महिला आईएफएस पर लगाए गए गंभीर आरोप

-मजदूरों को शासन द्वारा निर्धारित दर से कम भुगतान किया गया। मजदूरों के नाम से फर्जी वाउचर भी बनाए गए हैं।

-चहेते निविदाकारों से नियम विरुद्ध माल सप्लाई का ऑर्डर देकर अधिक भुगतान किया गया। यानी लोहा, प्रोफाइल शीट, नीम बीज और पॉलिथीन इत्यादि गुणवत्ताहीन और कम सामग्री प्रदाय हुई और उसका भुगतान कर दिया गया।

-वर्ष 2020-21 और 2021-22 में सागौन बीज अधिक कीमत पर खरीदी कर संग्रहण के नाम पर फर्जी मजदूरों को भुगतान कर दिया। जबकि छतरपुर इकाई में 40 क्विंटल सागौन बीज संग्रहित किया गया, किंतु 8 महीने तक मजदूरों का भुगतान लंबित रखा।

-निविदाकारों से मुरम एवं गिट्टी का पूर्ण भुगतान कर रायल्टी नहीं काटी गई, जिसके कारण लाखों का नुकसान हुआ।

-कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का भी आरोप है।

136 Views

Leave a Reply

error: Content is protected !!