रोड पर जगह-जगह खुदी नालियों से ग्रामीण परेशान
सड़क पर हो रहा कीचड़
सेमरी हरचंद- जल जीवन मिशन अंतर्गत पाइपलाइन डालने बीच सड़क पर खोदी गई नालिया अभी तक पूरी तरह नहीं भरपाई हैं और मेन पाइप लाइन मैं कनेक्शन के लिए जगह जगह गड्ढे खोदे जा रहे हैं जिनका कार्य 5 दिन में भी पूरा नहीं हो पा रहा है। बात करें ग्राम जमुनिया के वार्ड क्रमांक 1 की यहां चौराहे पर नल जल योजना का कार्य कर रहे ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा करीबन 3 फीट गहरा और 3 फीट चौड़ा गड्ढा रोड के बिल्कुल बीचो-बीच किया गया है। जो रात के अंधेरे में लोगों को दिखाई नहीं देता गड्ढे के आसपास बैरिकेट्स भी नहीं लगाए गए हैं जिससे लोगों को गड्ढा दिखाई नहीं देता। ठेकेदार द्वारा कार्य में इतनी लापरवाही की जा रही है कि इनके द्वारा खोदी गई नालियों के कारण सड़कों पर जगह-जगह कीचड़ हो रहा है गांव की बहुत सी गलियों के यही हाल हैं जिनमें कई लोग गिर रहे हैं और दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। रात्रि में अपनी बाइक से घर जा रहे एक युवक गोलू पटेल ने बताया कि मैं रात्रि में मोटरसाइकिल से घर जा रहा था मुझे पता नहीं था आगे गड्ढा है मैं मोटरसाइकिल सहित गड्ढे में गिर गया गनीमत यह रही कि ज्यादा कहीं चोट नहीं लगी नल जल योजना वालों ने जगह-जगह गड्ढे करके रखे हैं अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए मवेशी और कई लोग अनजाने में इन गड्ढों में गिर रहे हैं। काम को चलते 1 साल से अधिक समय हो गया है लेकिन अभी कार्य पूर्ण नहीं हुआ जबकि समय-समय पर जिला कलेक्टर द्वारा नल जल योजना के कार्य को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए जाते हैं। गर्मी के समय में लोगों को आस थी की भीषण गर्मी में हमें सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा लेकिन बरसात के मौसम में यह योजना लोगों की परेशानियों का कारण बनी हुई है। आखिर पीएचई विभाग द्वारा कुछ कार्य में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है यह सोचने वाली बात है।
इनका कहना है
आपके माध्यम से मुझे बीच सड़क में गड्ढा खोदने की जानकारी लगी है उन्होंने पाइप लाइन के कनेक्शन के लिए गड्ढे खोदे होंगे मैं उन्हें बोलता हूं वह कार्य पूर्ण कर गड्ढे को जल्द भरेंगे।
दर्शन धुर्वे, उपयंत्री पीएचई सोहागपुर
इनका कहना है
कई दिनों से गड्ढे करके छोड़ दिए गए हैं तो यह गलत है ग्रामीणों को परेशानी हो रही है जल्द से जल्द गड्ढों को भरने के लिए हमारे द्वारा ठेकेदार से बोला गया है।
प्रेम शंकर ऐके, सरपंच जमुनिया

