अनोखा तीर, हरदा। केन्द्र सरकार का पोर्टल खरीफ 2020 में फसल बीमा से वंचित किसानों के लिए दोबारा खोलने के बावजूद बैंक द्वारा किसान से संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई, जिससे किसान फसल बीमा राशि से वंचित हो गया था। उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद ग्राम बघवाड़ा, तह. डोलरिया के किसान बृजमोहन सुन्दरलाल रघुवंशी को फसल बीमा राशि के 62 हजार 720 रुपए बैंक शाखा सावलखेड़ा द्वारा दिए जाएंगे। यह आदेश उपभोक्ता आयोग नर्मदापुरम के अध्यक्ष न्यायाधीश विजयकुमार पांडे व माननीय सदस्य सरिता द्विवेदी व सतीश शर्मा द्वारा दिया गया हैै। एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि इस प्रकरण में आयोग ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मार्गदर्शिका की कंडिका 35.5.9 में वित्तीय संस्थायें बैंक के दायित्व के संबंध में प्रावधान किया है कि संबंधित बैंक या उसकी शाखाएं निर्धारित समय के भीतर प्रीमियम के प्रेषण विवरण के साथ एनसीआईपी पर बीमित किसान के विवरण के डिजिटलीकरण को सुनिश्चित करना चाहिए। इस प्रकरण में बैंक द्वारा किसान की बीमा प्रीमियम राशि काटकर बीमा कंपनी को भेजी थी, मगर पोर्टल पर जानकारी दर्ज नहीं की गई। आयोग ने बैंक का यह तर्क भी अस्वीकार किया कि किसान के अनुबंध में मक्का फसल लिखी है जबकि खरीफ 2020 में किसान द्वारा सोयाबीन फसल बोई गई थी। किसान को बीमा राशि के साथ 3 हजार रुपए वाद व्यय व 1० हजार रुपए मानसिक संत्रास के शामिल है। यह राशि बैंक को 30 दिन के अन्दर भुगतान करना होगा, अन्यथा आदेश दिनांक से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।

