देवास- संतो की कृपा से जीवन सार्थक होता है। संत हमें जीवन का उद्देश्य बताते हैं। यह विचार श्रीराम द्वारा में शिव पुराण कथा के अंतर्गत महंत स्वामी राम नारायण जी ने प्रकट किए। उन्होंने कहा कि हमारे धर्म ग्रंथ हमें हर परिस्थिति में मार्गदर्शन करते हैं। जिस प्रकार नाविक नाव को पतवार के सहारे नदी के पार करता है उसी प्रकार मनुष्य धर्म की नाव में संतो के आशीर्वाद से और भव सागर पार हो जाता है।
रामद्वारा में चातुर्मास के अंतर्गत रामायण एवं शिव पुराण कथा का आयोजन किया गया है। महंत जी ने कहा कि मानव जीवन में अनेक कठिनाई आती है और वह हमें विचलित करती है लेकिन जो व्यक्ति अपने धर्म ग्रंथों को श्रद्धा से श्रवण करता है और माता-पिता तथा गुरु का आशीर्वाद लेता है वह इस कठिन परिस्थिति से भी आसानी से निकल जाता है।कथा का समय दोपहर 2 से 5 बजे तक रखा गया है।
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