अनोखा तीर, हरदा। नाबालिग के साथ ज्यादती के मामले में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी रोहित पिता रमेश चौहान उम्र २० साल निवासी चारूवा को २० साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला करीब २ साल पुराना है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जतिन दुबे ने पेरवी की। मीडिया प्रभारी अभियोजन विनोद कुमार अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मामला ६ अक्टूबर २०२० का है। इसके दूसरे दिन फरियादी ने थाना छिपाबड़ हाजिर होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग लड़की हैंडपंप पर पानी भरने गई थी, जो वापस घर नहीं लौटी। जिसे गांव समेत आसपास के संभावित स्थानों पर तलाश किया किंतु कोई पता नहीं चला। जिसके दूसरे दिन लड़की के घर वापस आने पर उसने सारा हाल सुनाया। पीड़िता के मुताबिक आरोपी रोहित चौहान ने उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। जिसने पीड़िता को गांव के कब्रस्तान के पास ले गया। वहीं रात होने पर अपने घर ले गया। जहां विरोध करने के बाद भी रोहित ने गलत काम को अंजाम दिया। वहीं किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता के कथन पर पुलिस ने पास्को सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया। वहीं विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। जिस पर चली सुनवाई के बाद माननीय न्यायाधीश ने मंगलवार को प्रकरण में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी रोहित चौहान का एक धारा में आरोप सिद्ध होने पर ५ साल का सश्रम कारावास तथा २ हजार रुपए जुर्माना तथा धारा ३/४ (२) पास्को एक्ट में दोष सिद्ध होने पर 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ३ हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
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