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Monday, 26 October 2026
खंडवा

फूलों से सजा बाबा का दरबार, 251 किलो मावे का लगा भोग

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अनोखा तीर, ओंकारेश्वर। सावन के तीसरा सोमवार ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर का आकर्षक महा श्रृंगार किया गया। भगवान ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन के लिए दो लाख श्रद्धालु रविवार के दिन ही ओंकारेश्वर पहुंच गए थे। भगवान ओंकार का भव्य श्रृंगार हुआ। मां पार्वती को चुनर अर्पित की गई। पूरे मंदिर परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया। इस अवसर पर 251 किलो मावे के पेड़े का भोग लगाकर भक्तों में वितरित किया गया। श्रावण मास का अधिक मास चल रहा है। तीसरा सोमवार बहुत ही महत्वपूर्ण सोमवार था। ज्योतिर्लिंग का आकर्षक महाश्रंृगार कर मावा मेवे, भांग रुद्राक्ष, रत्न आदि सामग्रियों से शिवलिंग को भव्य रुप दिया गया। मंदिर परिसर को फूल मालाओं से सजाया गया जो बड़ा ही आकर्षण का केंद्र रहा। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को ज्योतिर्लिंग भगवान ओमकारेश्वर जी पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। अपराहन 4 बजे ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारजी महाराज की पालकी मंदिर से रवाना हुई। ढोल-ढमाकों के साथ भोले शंभू भोलेनाथ का जय-जयकार करते हुए कोटितीर्थ घाट पर पहुंची। घाट पर विद्वान पंडितों के द्वारा पंचमुखी रजत प्रतिमा का अभिषेक पूजन संपन्न किया गया। दक्षिण तट पर श्री ममलेश्वर भगवान की पालकी गोमुख घाट पर आई। घाट पर श्री ममलेश्वर भगवान का विद्वान पंडितों के द्वारा महाभिषेक करवाया गया। पवित्र नर्मदा नदी में नौका विहार करने के बाद गौमुखघाट पर उत्तरी गणगौर घाट, गांधी चौक होते हुए मेन मार्केट से जेपी चौक पुराने पुल होते हुए मुख्य बाजार से रात्रि 10 बजे वापस मंदिरों में पहुंची। मार्ग में भक्तों के द्वारा गुलाल व गुलाब की पंखुड़ियां उड़ाकर भगवान का भोलेनाथ का भव्य स्वागत किया। मार्ग में ढोल धमाकों की थाप पर भोले शंभू भोलेनाथ का उद्घोष करते हुए भक्त खूब झूमे। कपूर आरती कर भक्तों ने ओंकार भगवान अभिवादन किया।

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