विशाल कावड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालु बने सहभागी ….
पवित्र श्रावण माह में सोमवार को कमल सांस्कृतिक मंच के तत्वाधान में हंडिया स्थित नर्मदा के नाभिपट्नम घाट से भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। जिसका देर शाम को मुख्यालय स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर मंदिर में समापन हुआ। हरदा-हंडिया के बीच करीब 21 किलोमीटर की इस धार्मिक पदयात्रा में क्षेत्रवासियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान महिला और पुरूषों के अलावा युवा कावड़ियों की टोली हर-हर महादेव तथा बोल बल के जयकारें लगाते हुये आगे बढ़ रही थी।

अनोखा तीर, हरदा। क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के आह्वान तथा कमल सांस्कृतिक मंच की अगुवाई में श्रावण माह के तीसरे सोमवार यानि 24 जुलाई को हंडिया स्थित नर्मदा के रिद्धनाथ घाट से भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। इस दौरान हंडिया से हरदा के बीच आस्था का जनसैलाब देखने को मिला। हालांकि इससे पहले प्रात: साढ़े 10 बजे तक कावड़ियों का रिद्धनाथ परिसर में जुटने का सिलसिला जारी था। तत्पश्चात हजारों कावड़ियों की मौजूदगी में यात्रा के मुख्य सूत्रधार कृषि मंत्री कमल पटेल ने पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ सपत्निक मॉ नर्मदा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंनें क्षेत्र एवं प्रदेश में खुशहाली तथा उन्नति की प्रार्थना की। उधर, पूजा संपन्न होते ही रिद्धनाथ घाट समेत आसपास का संपूर्ण क्षेत्र भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर दूर-दूर तक केवल कावड़ियें तथा भगवान भोलेनाथ के जयघोष सुनाई दे रहे थे। जिससे पूरा वातावरण शिवभक्ति में डूबा नजर आया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कावड़ में नर्मदा जल भरकर पदयात्रा की शुरूआत की, जो देर शाम को जिला मुख्यालय पर पहुंची। यहां से सभी कावड़ियें जुलूस के रूप में गुप्तेश्वर मंदिर के लिये रवाना हुए। इस दौरान यात्रा मार्ग पर नागरिकों ने अपने-अपने घरों की छत से कावड़ियों पर खूब फूल बरसाये। इधर, शाम करीब 6 बजे कावड़ यात्रा गुप्तेश्वर मंदिर पहुंची। इस दौरान मंदिर परिसर सहित पुल तथा नार्मदीय धर्मशाला के आसपास कावड़ियों की खचाखच भीड़ रही। जिसके चलते मुख्य मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। हालांकि इस बीच कावड़ियों ने अनुशासन तथा धैर्य का परिचय देते हुए कतारबद्ध होकर मंदिर तक पहुंचे। जहां भगवान गुप्तेश्वर महादेव तथा द्वादश ज्योतिर्लिंग पर कावड़ में भरा नर्मदा जल चढ़ाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने गुप्तेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर अंत में महाआरती भी की गई। इस दौरान गुप्तेश्वर मंदिर प्रांगढ़ में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
दूर-दूर तक कावड़ियों का हुजूम
कमल सांस्कृतिक मंच के तत्वाधान में आयोजित कावड़ यात्रा में करीब 7 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। जिसमें महिला एवं पुरूषों के अलावा बड़ी संख्या में युवाओं तथा बड़े-बुजर्गो ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार हंडिया से प्रारंभ हुई कावड़ यात्रा करीब 5 किलोमीटर लंबी थी। यात्रा मार्ग पर दूर-दूर तक केवल कावड़ियें दिखाई दे रहे थे। जिनका जगह-जगह ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। वहीं जलपान की व्यवस्था समेत स्वल्पाहार का भी वितरण किया गया। बता दें कि सबसे लंबी कावड़ यात्रा के चलते सोमवार को हाइवे पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
इधर, श्रावण माह के तीसरे सोमवार को आयोजित कावड़ यात्रा में भारी भीड़ की संभवनाओं के बीच जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा एवं यातायात को लेकर पहले ही रोडमेप तैयार कर लिया था। जिसके तहत यात्रा मार्ग पर राजस्व एवं पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों की डयूटी लगी थी। जिन्होंने ट्राफिक व्यवस्था को बखूबी संभाले रखा। जिसके चलते आवागमन पूरी तरह ठप नही हुआ। इस दौरान कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। इसके अलावा आमजन की सहुलियत को ध्यान में रखते हुए शहर में रूट डायवर्ट भी किया था।
मुख्य आकर्षण डमरू और त्रिशूल
श्रावण माह में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने तथा क्षेत्र में खुशहाली का ध्येय लेकर संपन्न हुई कावड़ यात्रा दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जिसमें जिलेवासी खासकर हरदा विधानसभा क्षेत्र के दूरदूराज स्थित ग्रामों से महिला एवं पुरूषों के छोटे-बड़े दल अलसुबह हंडिया के लिये रवाना होने लगे थे। श्रद्धालुओं के उत्साह का अंदाजा यह रहा कि गांव-गांव से हंडिया पहुंचे कावड़ियों ने खास तैयारियां कर रखी थीं। जिसमें 21 फीट का त्रिशूल एवं आकर्षक रूप सजाया गया डमरू मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा। इसके अलावा अलग-अलग गांव की झांकियां भी कावड़ यात्रा के साथ-साथ चल रही थी। लोगों ने श्रद्धालुओं के उत्साह को खूब सराहा।
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