कार्बन क्रेडिट के लिए दक्षिण कोरिया की पहली पसंद बना नर्मदांचल

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अनोखा तीर, हरदा। ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से बढ़ते खतरे को देख आज दुनिया के तमाम देश चिंतित है। पर्यावरण प्रदूषण के घातक परिणाम भी देखने को मिल रहे है। जिसके चलते समुद्री तूफान, भयंकर बारिश और सूखा तो कहीं जंगलों में आग के साथ ही घातक जानलेवा बीमारियों का प्रकोप पृथ्वी पर देखने को मिल रहा है। विश्व पटल पर इस संकट के समाधान हेतु विभिन्न देशों द्वारा कार्ययोजनाएं बनाई जाती रही है। वहीं भारत ने विश्व के समक्ष संकल्प के साथ वर्ष २०७० तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश के नर्मदांचल में बड़े पैमाने पर योजनाबद्ध तरीके से अनुपयुक्त और निजी भूमियों पर वृक्षारोपण करते हुए जहां कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में बड़ा कार्य किया जा रहा है, वहीं इस विश्वव्यापी अभियान के माध्यम से आत्मनिर्भर कृषक और आत्मनिर्भर कृषि की अवधारणा को भी धरातल पर उतारा जा रहा है। नर्मदांचल के हरदा, नर्मदापुरम्, सीहोर, देवास जैसे नर्मदा के तटवर्तीय जिलों में विगत वर्षों से किए जा रहे वृहद वृक्षारोपण कार्य ने अब विदेशों को भी अपनी ओर आकर्षित करना शुरु कर दिया है। दक्षिण कोरिया की कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में कार्य करने वाली विभिन्न कंपनियां हरदा व नर्मदापुरम् जिले की ओर रूख करने लगी है। उन्हें इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं प्रतीत हो रही है। जिसके चलते पिछले दो वर्षों में अनेक विदेशी कंपनियों द्वारा इस क्षेत्र का भ्रमण कर यहां की जलवायु, कृषि भूमियों की मेढ़ों पर किसानों की सहमति से एक वृहद कार्ययोजना के तहत रोपे जा रहे करोड़ों पौधों का अवलोकन भी किया गया है। इसी क्रम में आज दक्षिण कोरिया की एक टीम ने नर्मदापुरम् जिले के इटारसी, केसला, डोलरिया एवं सिवनी मालवा क्षेत्र में किए जा रहे वृक्षारोपण कार्य का अवलोकन किया। अब यह टीम हरदा जिले के साथ ही सीहोर जिले के रेहटी, नसरुल्लागंज क्षेत्र का भ्रमण भी करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्तमान में जो १ करोड़ २० लाख पौधरोपण का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है उसे बढ़ाकर ६ करोड़ तक पहुंचाए जाने की कार्ययोजना पर यह टीम कार्य कर रही है।

इस टीम में डोगह्युक ली, हाना सिक्योरिटीज ग्लोबल मार्केटिंग ट्रेडिंग के प्रबंध निदेशक और प्रमुख, जी हेओंग हाना सिक्योरिटीज मैनेजर ग्लोबल मार्केटिंग ट्रेडिंग, सुश्री क्यूंगह्वा जियोन बीफ्लैट सेवाएं हरदा के पर्यावरणविद् तथा रुपई एग्री फॉरेस्ट के एमडी गौरीशंकर मुकाती से मुलाकात कर यहां चल रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान पर चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में नर्मदांचल के हरदा सहित विभिन्न जिलों में वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य किया गया है। जिसमें व्हीएनव्ही एडवाइजरी के डायरेक्टर संदीप राय चौधरी तथा आईएमपीसीए के डायरेक्टर विक्रांत तिवारी रुपई एग्री फारेस्ट कंपनी के माध्यम से १ करोड़ २० लाख पौधरोपण कार्य करा रहे है। वहीं बीते वर्ष मुम्बई के ग्रो ट्रीज द्वारा भी हरदा जिले में लगभग २० लाख पौधरोपण कार्य कराया गया था। कहने का आशय यह है कि ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे को देखते हुए जहां विश्व स्तर पर चिंताएं जाहिर करते हुए कार्ययोजनाएं बनाई जा रही है वहीं मध्यप्रदेश का नर्मदांचल इस क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर धरातल पर कार्य करने में जुटा हुआ है। यही कारण है कि आज अन्य देशों ने भी भारत के इस क्षेत्र को कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में कार्य करने के लिए उपयुक्त स्थान माना है।

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