खंडवा- 1010 दिनों से नर्मदा के जल पर जीवित रहने वाले नर्मदा मिशन के संस्थापक भैयाजी सरकार की तबीयत खराब हो गई है। उन्हें
अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर भर्ती किए गए विषेश चिकित्सक दल के द्वारा श्री दादा गुरू का स्वास्थ परीक्षण किया जा रहा समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि
1010 दिनों से अखंड जारी दादा गुरू की निराहार महाव्रत साधना की जा रही है
भैयाजी सरकार मां नर्मदा, गाय वंश और प्रकृति पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपवास और सत्याग्रह कर एक मिशन चला रहे हैं। ध्यान रहे कि नर्मदा नदी के जलग्रहण क्षेत्र को बचाने और उसे जीवित नदी का दर्जा देने के लिए भैयाजी सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। भैयाजी का कहना है कि नदी तट से 300 मीटर के दायरे में निर्माण पर प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। आज भी कई जिलों में नर्मदा नदी में नालों का गंदा पानी बह रहा है। यदि नर्मदा को जीवित रखना है तो उसके प्राण (हरित) क्षेत्र की रक्षा के लिए कदम उठाने होंगे।
भैयाजी सरकार की मांग है कि नर्मदा को जीवित नदी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन कर नर्मदा को छीना जा रहा है। मशीनों से बालू खनन पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। नर्मदा के तलघर में पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाई जाए और पूजा के नाम पर नर्मदा में पूजा सामग्री डालकर उसे प्रदूषित न किया जाए।ना देखा,ना सुना होगा किंतु जीवंत है, प्रत्यक्ष हैदादागुरु 3200 किलो मीटर की निराहार नर्मदा परिक्रमा करी है।दादागुरु का महाव्रत दुनियां के लिए एक रहस्य बना चुका है ज्ञान विज्ञान की जड़ो को हिला देने वाला अकल्पनीय सत्य…
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