खंडवा- इस शहर के प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की तासीर जाने कैसी है? अत्यंत जरूरी मांग के लिए भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जैसी नौबत आ गई। शहर में सिटी बस के लिए छात्र-छात्राएं मैदान में उतर आए हैं।
पहले भाजपा की नगर निगम सरकार ने सिटी बस का ऐलान कर दिया। चुनाव जीत गई। इसके बाद सुभाष कोठारी जैसे पूर्व महापौर ने प्रयास भी किए। मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया।
अचरज की बात तो यह है कि कलेक्टर को 4 महीने पहले कॉलेज के छात्र छात्राओं ने कम पैसों में इधर उधर जाने के लिए सिटी बस की मांग की। इस पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधकर बैठ गए।
यह कोई बड़ा मसला नहीं है। जब शहर में गिट्टी, मुरम और रेत के डंपरों को शहर में घुसने की इजाजत है। स्कूल बसें गली कूचे में दौड़ रही हैं, तो फिर समस्या किस बात की है?
अचरज की बात तो यह है कि छात्र छात्राओं ने अब एसडीएम को शिकायत की है कि 4 महीने पहले सिटी बस के लिए कलेक्टर को ज्ञापन दिया था। हमारी आशाएं पूरी नहीं हुई हैं। इसलिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की अनुमति दें।
सभी कॉलेज के छात्र/छात्राओं द्वारा कलेक्टर को 25 अप्रैल 2023 को ज्ञापन दिया गया। जिसमें सिटी बस की मांग को लेकर सभी युवाओं ने अपनी मांग रखी थीं। बीते 4 महिने से इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इसलिये छात्र/छात्राओं एवं शहर की जनता के हित में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 21 जुलाई 2023 से एसएन कॉलेज के सामने हाऊसिंग फायनेंस बैंक के सामने करेंगे। अनिश्चितकालीन धरने पर सभी युवा व छात्र/छात्रा और शहर की जनता शामिल रहेंगे।

