खंडवा- यह भारत देश संतों का देश है। संतो से ही भारत का इतिहास है। यह अहिंसा पर हिंसा अहिंसा को चुनौती है अत: हमें इस चुनौती को समाप्त करना ही होगा और अहिंसा के विचारों को कुचलने वाले इन हत्यारों एवं इनके जघन्य विचारों को समाप्त करना ही होगा। इस भारत देश में संतों की हत्या होना बहुत दुख की बात है। यह बात
अति प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर में जैन संत की निर्मम हत्या के विरोध प्रदर्शन के दौरान मातृशक्ति को संबोधित करते हुए संरक्षक अशोक पालीवाल ने कही। शुक्रवार को शिव पार्थेश्वर पूजन के बाद में सैकड़ों की संख्या में मातृ शक्तियों के द्वारा जैन संत की निर्मम हत्या के विरोध में तहसीलदार महेश सिंह सोलंकी को जैन समाज के समाजजनों के द्वारा महादेवगढ़ परिवार एवं महादेवगढ़ मातृशक्ति के द्वारा तहसीलदार को महादेवगढ़ मातृशक्ति एवं विद्युत नगर मातृशक्ति शीतल गुप्ता के द्वारा तहसीलदार महेश सिंह सोलंकी को ज्ञापन सौंप सरकार से शीघ्र ही चारों को फांसी की मांग की गई। ज्ञापन का वाचन महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल ने किया।

विरोध प्रदर्शन में महादेवगढ़ मंदिर पुजारी पंडित अश्विन खेड़े, मंदिर समिति के अतुल अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, मोहन पालीवाल, मातृशक्ति प्रमुख शारदा शर्मा, सृष्टि दुबे, स्नेहा पाराशर, प्रिया लाड़, अर्चना अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, शैलजा खेडेकर, माया लाल, तनुजा सोमवंशी, भगवती मालवीय, स्वाति तिवारी, जया मालवीय, स्नेहा परिहार, प्रीति गंगराड़े, प्रिया गुप्ता, ममता परिहार, ज्योति बडोले, ममता पाटीदार, भारती पारे, सुनीता पहाड़े, कृति मारकंडे, शिवानी पहाड़े, संध्या पहाड़े, करुणा गुप्ता, राधा तिवारी, ज्योति वर्मा, संध्या गुप्ता, लक्ष्मी पाटिल, शांताबाई, शीतल चोपड़ा सहित जैन समाज से अभय जैन, दिलीप जैन, सुनील जैन, दिलीप पहाड़िया, विवेक सांड, प्रवीण जैन, विवेक जैन, नवनीत बोथरा, सुभाष मेहता सहित अन्य श्रद्धालु शिव भक्तों उपस्थित थे।
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