खंडवा- आमलाखुर्द का निर्माणाधीन रेल ट्रेक और पुलिया ढह जाने पर रेल मंत्रालय चार दिन बाद भी नहीं जागा है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल मौके पर जाकर देख भी आए। उन्होंने काम की खुलकर भर्तसना की। इसके बावजूद ठेकेदार और संबंधित रेल अफसरों ने चुपचाप ट्रेक दुरूस्त कर दिया। सांसद का कहना है कि ट्रेक ढहा कैसे? इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने खंडवा अमलाखुर्द रेल रूट की विशेषज्ञ इंजीनियरों से जांच के लिए रेल मंत्री को पत्र लिखा है। वे दिल्ली जाकर मंत्रालय में भी अन्य कार्रवाई भी करेंगे। सांसद ने कहा कि मामला गंभीर है। इसे यूं ही नहीं बख्शा जाएगा। क्षेत्र के लोग भी सांसद के माध्यम से जांच के बाद दोषियों पर बड़ी कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने भी साफ कहा कि जब तक मामले की जांच व दोषियों पर कार्रवाई न हो जाए, चुप नहीं बैठूंगा। कार्य को तय समय में पुरा करने की मांग की। इसी बीच लोगों ने कहा कि खंडवा से सनावद मेमू रेल भी नहीं चल पा रही है। सब कुछ ओके होने के बावजूद क्यों आम लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है? कई मसले उलझे हुए पड़े हैं।
मिट्टी धंसने की जांच हो
खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और महाप्रबंधक दक्षिण मध्य रेलवे सिकंदराबाद, मंडल रेल प्रबंधक नांदेड़ को पत्र लिखा है। इसमें खंडवा अमलाखूर्द के बीच ट्रैक के नीचे से मिट्टी धंसने की घटना के बाद पूरे निर्माणधीन ट्रैक की जांच रेल बोर्ड के विशेषज्ञ इंजिनियरों से करवाने सहित इस कार्य को तय समय सीमा में करवाने की मांग की है।
सांसद के पत्र की पुष्टि
सांसद प्रवक्ता सुनील जैन ने इस पत्र की पुष्टि करते हुए बताया कि सांसद ने पत्र में लिखा है कि खंडवा से आमलाखुर्द सेक्शन के गेज कन्वर्जन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच रेलवे बोर्ड के विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा करवाई जाए। समय सीमा में गेज कन्वर्जन का कार्य पूरा करने के आदेश देने का अनुरोध किया है।
दिसंबर तक पूरा होना चाहिए काम
यह सेक्शन 1 जनवरी 2017 से बंद है। क्षेत्रवासियों द्वारा इस रेलमार्ग को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग लगातार की जा रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किया जाए। दिसंबर 2023 के पूर्व खंडवा से आमलाखूर्द के बीच के गेज कन्वर्शन कार्य को और रेलवे स्टेशन बिल्डिंग का कार्य सहित सीआरएस काम पूरा हो जाना चाहिए।
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