इंदौर-अकोला ब्रॉडगेज रेललाइन ट्रेक धंसने का मामला  

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सांसद बोले : केंद्रीय रेलमंत्री से करूंगा चर्चा, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा  

अनोखा तीर, खंडवा। बड़ी मुश्किल से इंदौर अकोला मीटरगेज रेल लाइन ब्रॉडगेज में बदल रही है। खंडवा जिले में करीब 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक का काम हुआ और हो रहा है। गुजरात, बेंगलुरु, और मद्रास की कंपनियां काम कर रही हैं। यह काम भी भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। लाखों लोग जिस पटरी से गुजरेंगे, वह भी सुरक्षित नहीं है। ब्रॉडगेज में बदली पिपलोद, गुड़ी के पास वाली रेललाइन उद्घाटन से पहले ही ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इसमें साफ तौर पर इंजीनियरों ने क्या देखा? ठेकेदार ने किस तरह पुलिया और ब्रिज बनवाए, जो बिना लोड के ही जरा से पानी में धंस गए।

संसद में उठाएं मुद्दा

इस पर सांसद भी ठेकेदार और इंजीनियर की जांच का कह रहे हैं। वह रेल मंत्री से मिलेंगे। सांसद को यह मुद्दा संसद में उठाना चाहिए, ताकि कार्रवाई पुख्ता हो। दोषियों को बाद में राहत देने का कोई कालम ही ना बचे।

कहां है, डबल इंजन की सरकार?

मध्यप्रदेश में प्रतिपक्ष कांग्रेसी भी इस मौके पर साफ कह रही है कि भाजपा के राज में भ्रष्टाचार फूट-फूटकर सबूत दे रहा है, लेकिन डबल इंजन की सरकार इस पटरी पर देख ही नहीं रही है।

मीडिया पर भारी दबाव

मामला गंभीर है। मीडिया इस मुद्दे को उठाती है तो ठेकेदार उन पर ब्लैकमेलिंग का केस दायर करने की बात करते हैं। पुलिस भी उनके आवेदनों को लपक लेती है। खनिज विभाग बालों पर जिला प्रशासन पता नहीं क्यों 7 साल से मेहरबान है। पेनाल्टी करोड़ों में लगाते हैं, और वसूलते हजारों में हैं। मीडिया वालों को डंफरों में भरकर ले जाने के प्रयास करते हैं। यहां अवैध तरीके से गिट्टी मुरम और मिट्टी खोदकर पहाड़ खत्म कर दिए गए हैं।

अवैध रूप से खोद डाले पहाड़

खनिज विभाग भी 7 साल से इन्हें बख्श रहा है। फिलहाल रेल लाइन धंसने के मामले में अब ठेकेदार और इंजीनियर सभी नपेंगे।

कैसे चलें यात्री ऐसी पटरी पर?

बहरहाल रेल ट्रैक धंसने और पुलिया के टूटने से नवनिर्मित अकोट खंडवा रेलवे लाइन की पटरी का भ्रष्टाचार समय रहते सामने आ गई। अगर इस रूट पर कोई रेल दुर्घटना हुई तो बड़ी जनहानि के साथ ही रेलवे के अधिकारी ही दोषी कहलाएंगे। इनकी देखरेख में यह रेलवे ट्रैक का कार्य चल रहा है। घटिया स्तर से बनाया जा रहा रेलवे ट्रैक का समय-समय पर भौतिक सत्यापन इन्हीं अधिकारियों द्वारा किया गया था। इसलिए जिम्मेदार रेलवे के अधिकारी एवं ठेकेदार पर गैर इरादतन जैसा अपराध दर्ज होना चाहिए।

विपक्ष मांग रहा पूरी जांच

शनिवार को खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी मौका मुआयना कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष अजय ओझा ने भी इसी तरह की मांग की है। बताया जा रहा है कि औपचारिकता के तौर पर जिम्मेदारों को नोटिस देकर इतिश्री कर ली जाएगी?

सांसद भी गुस्से में दिखे

घटना के दूसरे दिन सांसद पाटिल पहुंचे। घटनास्थल पर उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही जिसकी भी हो, उस पर कार्रवाई को लेकर अधिकारियों और रेल मंत्री से शीघ्र बात करूंगा। सांसद ने भी इस प्रकार के गलत कार्य के प्रति रोष व्यक्त करते हुए निंदा की। कहा कि, शीघ्र ही रेलवे के बड़े अधिकारियों के साथ ही दिल्ली जाकर केंद्रीय रेलमंत्री से इसकी शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच के पश्चात जो भी इंजीनियर और ठेकेदार इसमें दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्यवाही की मांग रखूंगा। श्री पाटिल ने घटनास्थल पर कहा कि रेल आवागमन के पूर्व ही यह मामला हुआ है। सुखद है कि चलती ट्रेन के समय यह हादसा होता तो बड़ा दुखद होता। शुक्र है कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।

कमलनाथ तक घटनास्थल का वीडियो

जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय ओझा एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मुनीश मिश्रा ने कहा कि हादसास्थल से रेल की पटरी लेकर मालगाड़ी कुछ समय पहले ही गुजरी थी। बड़ी लापरवाही है एक बड़ा हादसा हो सकता था। मामला काफी गंभीर है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर हमने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी अवगत कराया है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

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