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Friday, 23 October 2026
भोपाल

कैंपा फंड नहीं खर्च कर पाने पर आधा दर्जन डीएफओ को लगी फटकार

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अनोखा तीर, भोपाल। जंगल महकमे के कैंपा शाखा से वन मंडलों को इतनी बड़ी धनराशि आवंटित की जा रही है कि डीएफओ उसे खर्च ही नहीं कर पा रहे हैं। इसी मसले को लेकर शुक्रवार को वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने आधा दर्जन डीएफओ जमकर फटकार लगाई। वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री चरण पादुका योजना, प्लांटेशन सहित संचालित योजनाओं के मूल्यांकन को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग आयोजित की। इस कांफ्रेंस में लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक पुष्कर सिंह, पीसीसीएफ कैंपा सुनील अग्रवाल, वन विकास निगम के एमडी एके पाटिल, पीसीसीएफ अजीत श्रीवास्तव इको पर्यटन बोर्ड के सीईओ समिता राजौरा, मुख्यालय के सभी एपीसीसीएफ उपस्थित थे। मुख्यालय से वनीकरण क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी वन मंडलों को करोड़ों रुपए का बजट दिया जा रहा है। जबकि वन मंडलों में पदस्थ डीएफओ 0 प्रतिशत से लेकर 10 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं कर पा रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने 0 प्रतिशत राशि खर्च नहीं करने वाले दक्षिण वन मंडल बालाघाट, उत्तर वन मंडल बालाघाट, कटनी और रायसेन वन मंडल सहित आधा दर्जन से अधिक डीएफओ की फटकार लगाई। गुप्ता की फटकार से डीएफओ की दक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद चर्चा रही कि जब तक राजनेताओं की सिफारिश पर ट्रांसफर पोस्टिंग होते रहेंगे तब तक सीनियर अफसरों की फटकार का कोई असर फील्ड के अफसरों पर नहीं पड़ रहा है।

पीटीआर के उपसंचालक लगी क्लास

मुख्य वन बल प्रमुख गुप्ता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पन्ना नेशनल पार्क के उपसंचालक रिपुदमन सिंह भदौरिया और नौरादेही सेंचुरी में पदस्थ डीएफओ अंसारी की भी जमकर क्लास ली। गुप्ता ने पन्ना नेशनल पार्क के उपसंचालक भदौरिया को पेमेंट नहीं करने को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि गपशप के बजाय भुगतान और काम के प्रति गंभीर रहो। भदौरिया की शहडोल पोस्टिंग में भी यही समस्या रही है। शहडोल में भी भदौरिया ने काम कराने के बाद पेमेंट करने में हीला-हवाली करते रहे। तब भी भदौरिया की पेमेंट नहीं करने के संबंध में दर्जनों शिकायतें हुई थी। नौरादेही सेंचुरी के डीएफओ अंसारी को इसलिए फटकार पड़ी कि वह वाइल्डलाइफ बोर्ड की बैठक में नहीं आए। यही नहीं, अंसारी ने बिना सीसीएफ सागर, एपीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभरंजन सेन और मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक जेएस चौहान को भी नहीं आने का कारण बताया। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जब गुप्ता ने पूछा तब वे प्रशिक्षण पर जाने का तर्क देते रहे। जब फटकार लगी तब उन्होंने माफी मांगी।

डीएफओ की बेरुखी से दुखी दिखी समिता

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान ईको पर्यटन बोर्ड की सीईओ समिता राजौर डीएफओ के प्रति अपनी शिकायत व्यक्त की। श्रीमती राजौरा ने कहा कि इको पर्यटन स्थलों के प्रति डीएफओ दिलचस्पी नहीं लेते हैं। यही कारण है कि उनके मन मुताबिक अधिसूचित मनोरंजन क्षेत्रों का विकास नहीं हो पा रहा है। विभाग के मुखिया को अवगत कराया कि प्रदेश में 148 मनोरंजन क्षेत्रों को अधिसूचित किया जा चुका है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में तत्कालीन सीईओ लव वन पर्सन के एमडी पुष्कर सिंह ने अपने कार्यकाल में 138 मनोरंजन क्षेत्रों को अधिसूचित किया था।

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